फतेहाबाद। नगर परिषद शहर में एक साल के लिए ठेेके पर 80 कर्मचारी रखने जा रही है। नगर परिषद 60 किलोमीटर के दायरे में 80 कर्मचारी और रखे जाएंगे। इसको लेकर नगर परिषद ने टेंडर जारी किया है, जो 18 जुलाई को खुलेगा। इससे पहले 8 जुलाई को एजेंसियों की मीटिंग भी बुलाई गई है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगस्त माह से नगर परिषद को सफाई के लिए 80 और कर्मचारी मिल जाएंगे। इसका सबसे ज्यादा फायदा आउटर कॉलोनियों को होगा। यहां नगर परिषद की सीमा में शामिल होने के ढाई साल बाद भी कर्मचारी सफाई के लिए नहीं मिले हैं।
नगर परिषद जो प्रस्ताव तैयार किया है उसके मुताबिक शहर को मीडियम सिटी में शामिल किया है। यहां पर 550 मीटर से लेकर 750 मीटर के बीच एक सफाई कर्मचारी रखा जाएगा। फिलहाल नगर परिषद के हालात ये हैं कि यहां पर 116 सफाई कर्मचारी पालिका रोल पर हैं और 28 कर्मचारी स्थायी तैनात हैं। पुराने एरिया की ही बात करें तो यहां भी सफाई के लिए कर्मचारी कम पड़ रहे हैं। बता दें कि नगर परिषद की सीमा को करीब ढाई साल पहले बढ़ाया गया था। सीमा बढ़ने के बाद इसमें आजाद नगर, हंस कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, हरनाम सिंह कॉलोनी, स्वामी नगर, हिसार रोड और सिरसा रोड क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई। एरिया बढ़ने के बाद ढाई साल बाद इन कॉलोनियों में सफाई के लिए कर्मचारी तैनात नहीं किए गए हैं। इसके अलावा न ही पानी निकासी को लेकर नालियों की सफाई हो रही है। ठेके पर एक साल के लिए कर्मचारी मिलने के बाद आउटर कॉलोनियों में सफाई शुरू हो जाएगी। संवाद
शहर की ये है स्थिति
नगर परिषद में कुल वार्ड : 27
जनसंख्या : 92 हजार
प्रॉपर्टी : 30 हजार
सफाईकर्मी - 144
रोजाना निकल रहा कचरा : 32 से 35 टन
अगले माह डोर-टू-डोर कचरा उठान ठेका होगा खत्म
नगर परिषद ने डोर टू डोर कचरा उठान के लिए निजी एजेंसी को ठेका दे रखा है। 1680 रुपये प्रति टन के हिसाब से भुगतान हो रहा है। ठेका 5 मई को खत्म हो गया था लेकिन इसे अब दो माह के लिए बढ़ाया गया है जो कि अब 4 जुलाई को खत्म हो जाएगा। अगर ये ठेका आगे नहीं बढ़ता है तो डोर-टू-डोर कचरा उठान को लेकर समस्या होगी।
जेसीबी और दो नए ट्रैक्टर खरीदे, फांक रहे धूल
नगर परिषद ने सेकेंडरी प्वाइंट से कचरे का समय से उठान को लेकर करीब पांच पहले जेसीबी खरीदी है। लेकिन ये जेसीबी पांच माह से धूल फांक रही है। नगर परिषद को अब तक ड्राइवर नहीं मिला है। इसके अलावा दो ट्रैक्टर-ट्रॉली भी खरीदे गए हैं लेकिन अभी तक इनका इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ है।
कोट
नगर परिषद ठेकेदार के माध्यम से 80 सफाई कर्मचारी रखे जा रही है। जनसंख्या बढ़ने और एरिया की बढ़ोतरी के कारण कर्मचारी की संख्या कम है और इसके चलते समस्या हो रही है। कर्मचारी रखे जाने के बाद सफाई की समस्या खत्म होगी।
-राजेंद्र सोनी, ईओ नगर परिषद