अमर उजाला ब्यूरो
जाखल
किसानों को गेहूं और धान की फसलों के चक्रीकरण को त्याग कर नरमा व कपास इत्यादि की भी बिजाई करनी चाहिए। इससे जहां भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है वहीं फसलों के चक्रीकरण से भी छुटकारा मिलता है। किसानों को नरमा कपास की फसलों की बिजाई को लेकर माइको मोनसेंटों कंपनी के क्षेत्रीय अधिकारी हरविंद्र सिंह फतेहाबाद व जाखल इंचार्ज गगनसिंह ने कई गांवों का दौरा करते हुए उन्हें नरमा की फसल बिजाई के लिए प्रेरित किया। कंपनी अधिकारियों ने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि आगामी नरमा की फसल की बिजाई से पहले मिट्टी व पानी की जांच आवश्यक करवाएं। जिसके निर्देशानुसार ही बिजाई के लिए उच्चतम बीज का चयन करें। उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि वह किसी भी बीज को लेते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य लें तथा खुला बीज न लेकर बंद पैकेट में व उस पर अंकित खुदरा मूल्य अनुसार ही भुगतान करें। कंपनी अधिकारियों ने तलवाड़ा, तलवाड़ी, साधनवास, सिधाथनी, चांदपुरा , मुंदलियां, रत्ताथेह के अलावा करीब एक दर्जन से भी ज्यादा गांवों में दौरा किया।