अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। प्रकृति ने हमें पानी, शुद्ध हवा, पेड़-पौधे, फल-फूल, अनाज, हरे-भरे जंगल, नदियां, झीलें, बादल-बरसात, जड़ी-बूटियां सब कुछ उपहार स्वरूप दिया है, किन्तु हम स्वार्थवश उसी प्रकृति को हम तहस-नहस करने में लगे हैं जो हमारे लिए प्राणाधार हैं। ये शब्द जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राहुल बिश्रोई ने राजकीय उच्च विद्यालय काजलहेड़ी में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि कहीं। सीजेएम ने कहा कि हम प्रकृति से सीधे रूप से जुड़ें तथा पेड़-पौधे, जल के महत्व को समझें। और पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ न करें क्योंकि यह मानव के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इस मौके पर मुख्य अतिथि राहुल बिश्रोई तथा दयानंद सिहाग ने वकीलों व स्कूल स्टाफ के साथ मिलकर विद्यालय प्रांगण में पौधे लगाए तथा पक्षियों की प्यास मिटाने के लिए पेड़ों पर सकोरे टांगे। वहीं उप जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने कहा कि आज धरती संकट में है और इसका कारण हमारा स्वार्थ है। अगर हम चाहते हैं कि आगे आने वाली पीढ़ियां खुली हवा में सांस ले सकें तो हमें जहरीले होते वातावरण को बचाना होगा। मुख्याध्यापक जितेन्द्र शर्मा ने विद्यालय की उपलब्धियां गिनवाई तथा शिक्षाविद् व साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश कादयान ने बारूद के ढेर पर बैठी दुनिया को चेताया। उन्होंने यह भी कहा कि विकास के नाम पर हमने प्रकृति का विनाश किया तथा संस्कृति को भुला दिया है। ये सत्य है कि प्रकृति से कटकर हम कभी सुखी नहीं रह सकते। इस मौके पर काजलहेड़ी के सरपंच भूपसिंह फौजी, पूर्व सरपंच एडवोकेट हवा सिंह, लक्ष्मी चंद, लक्ष्मी शर्मा, एडवोकेट विष्णु डारा, एसएमसी प्रधान रामनिवास, रोहताश, राजा राम, राय सिंह, दलीप सिंह, मीना, ओमप्रकाश, प्रवीन कंबोज मौजूद थे।
06 राजकीय उच्च विद्यालय काजलहेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को संबोधित करते सीजेएम राहुल बिश्रोई।
07 राजकीय उच्च विद्यालय काजलहेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को सम्मानित करते 07 सीजेएम राहुल बिश्रोई।
पर्यावरण से छेड़छाड़ मानव केे लिए खतरे का संकेत : सीजेएम
विकास के नाम पर प्रकृति से छेडछाड़ और संस्कृ ति का विनाश खतरनाक