फतेहाबाद। फतेहाबाद में जिला व उपमंडल स्तरों पर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया गया। जिसमें 19044 मामले रखे गए और 14016 मामलों का निपटारा आपसी सहमति से कर दिया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया ने बताया कि न्यायालय में लंबित मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति व राजीनामे से सौहार्दपूर्ण वातावरण में पक्षकारों की रजामंदी से विवाद निपटाया जाता है। इससे शीघ्र, सस्ते व सुलभ न्याय लोगों को मिलता है जहां किसी पक्ष की हार नहीं होती। वहीं राष्ट्रीय लोक अदालत में केसों की सुनवाई के फैसलों की कहीं कोई अपील नहीं, अंतिम रूप से निपटारा, समय की बचत जैसे लाभ मिलते हैं।
सेशन्स जज डीआर चालिया ने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से लोगों का बिना समय व पैसा गवाएं केसों का समाधान किया जाता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में ना तो किसी पक्ष की हार होती है और न ही जीत बल्कि दोनों पक्षों की आपसी सहमति से विवादों का समाधान करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार गरीबों व समाज के कमजोर वर्गों के लिए निशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था की गई है।
सीजेएम समप्रीत कौर ने बताया कि आपसी सहमति से हल होने वाले मामलों में राष्ट्रीय लोक अदालत बहुत ही कारगर सिद्ध हो रही हैं और राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनाए गए फैसले की भी उतनी ही अहमियत है, जितनी सामान्य अदालत में सुनाए गए फैसले की होती है। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनाए गए फैसले के खिलाफ अपील दायर नहीं की जा सकती।
61 लाख 91 हजार 563 रुपये की राशि जुर्माना के रूप में पास
राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से कुल 19044 मामलों में से 14016 मामलों का निपटारा करते हुए चार करोड़ 45 लाख 26 हजार 115 रुपये की राशि जुर्माना व अवार्ड के रूप में पास की गई। इन मामलों में प्री-लिटिगेशन के कुल 14901 मामलों में से 12203 मामलों का निपटारा तथा तीन करोड़ 83 लाख 34 हजार 552 रुपये की राशि जुर्माना व अवार्ड के रूप में पास की गई। इसी प्रकार से लंबित मामलों के कुल 4143 मामलों में से 1813 मामलों का निपटारा करते हुए 61 लाख 91 हजार 563 रुपये की राशि जुर्माना के रूप में पास की गई।
इन मामलों की हुई सुनवाई
इस दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं प्राधिकरण की सचिव समप्रीत कौर ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत जिला व उपमंडल पर आयोजित की गई अदालतों में आपराधिक मामलों, एनआई एक्ट 138, एमएसीटी, वैवाहिक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, किराया, बैंक रिकवरी, राजस्व, मनरेगा, बिजली व पानी बिल, वन अधिनियम, आपदा मुआवजा इत्यादि सहित प्री-लिटिगेटिव व कोर्ट में लंबित केसों की सुनवाई की।
इन न्यायाधीशों की कोर्ट में लगाई गई लोक अदालत
शनिवार को जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नताशा शर्मा, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबरदीप सिंह व सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी गौरी नारंग तथा रतिया उपमंडल में एसडीजेएम संतोष भागोतिया व टोहाना उपमंडल में एसडीजेएम राजीव की अदालतों में मामलों की सुनवाई की गई।