पेंशन को लेकर बुजुर्गों ने डीसी कार्यालय पर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। प्रदेश की मनोहर सरकार बुढ़ापा पेंशन लगवाने के लिए मेडिकल के नाम पर बुजुर्गों का अपमान कर रही है। बुढ़ापा पेंशन के लिए निर्धारित 60 वर्ष की आयु के स्कूल प्रमाण पत्र को धता बताया जा रहा है और प्रत्येक बुधवार सैकड़ों वरिष्ठ नागरिक 65-70 किलोमीटर दूर जाकर नागरिक अस्पताल में पेंशन बनवाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। वे पिछले 3 महीनों से चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनका मेडिकल नहीं किया जा रहा। इससे खफा सैकड़ों बुजुर्गों ने बुधवार को फतेहाबाद में उपायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। बुजुर्गों को संबोधित करते हुए भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला सचिव का. जगतार सिंह ने यह बात कही। धरने की अध्यक्षता जिला पार्षद रामचंद्र सहनाल ने की व संचालन रमेश जांडली ने किया। धरने को का. रामकुमार बहबलपुरिया, विष्णुदत्त शर्मा, का. रामस्वरूप ढाणी गोपाल ने संबोधित करते हुए कहा कि अगर समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो माकपा आंदोलन को ओर तेज करेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन-शासन प्रत्येक बुधवार के साथ अतिरिक्त मेडिकल केंप ब्लाक स्तर पर लगा दें तो समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन भरवाए गए थे लेकिन मकान की ग्रांट नहीं दी गई। उन्होंने मांग की कि बीपीएल का सर्वे कर गरीब लोगों के पीले-गुलाबी कार्ड बनाए जाए। धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम सरजीत नैन ने कल तक का समय मांगा और धरना समाप्त करने की अपील की। बुजुर्गों ने कहा कि यदि कल तक प्रशासन ने मेडिकल केंप की तारीख घोषित नहीं की तो अगले बुधवार को वे फिर उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। बुजुुर्गों ने कहा कि वोटर कार्ड गुम होने से नए वोटर कार्ड पर 75 वर्ष उम्र है लेकिन पेंशन नहीं बन रही। स्कूल रिकार्ड में आयु 61 साल है लेकिन उसे भी नहीं माना जा रहा। मेडिकल के लिए विभाग द्वारा कोई व्यवस्था व सूचना ठीक नहीं दी जाती और उनका शोषण किया जा रहा है।