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Fatehabad News: व्यापारियों के हड़ताल से नहीं बिकीं 11 हजार क्विंटल सब्जियां

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फतेहाबाद पुराने बस अड्डें के पिछे लगी सब्जी की रेहड़ियां।
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फतेहाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से एकमुश्त मार्केट फीस वसूलने का नियम लागू करने के खिलाफ सब्जी मंडी व्यापारियों ने बुधवार को हड़ताल की, हड़ताल में जिले के करीब 400 व्यापारी शामिल रहे।। एकदिवसीय हड़ताल के चलते जिले में 11 हजार क्विंटल सब्जियां नहीं बिकीं और करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। फतेहाबाद शहर के अलावा टोहाना, रतिया, भूना की सब्जी मंडी को बंद रखकर प्रदर्शन किया गया। पल्लेदारों व मजदूरों को काम नहीं मिल पाया।
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व्यापारियों के हड़ताल को रेहड़ी चालकों ने भी समर्थन दिया और दोपहर तक रेहड़ियां नहीं लगाई। दोपहर बाद ही रेहड़ियों पर सब्जी की बिक्री हुईं। वहीं व्यापारियों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए मांगे पूरी न होने पर 1 जनवरी से अनिश्चितकालिन हड़ताल की चेतावनी दी। मंडी के बाहर धरने को संबोधित करते हुए सब्जी मंडी यूनियन के प्रधान भूपसिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने एकमुश्त मार्केट फीस देने का कानून लागू किया है। यह बेहद गलत है। पूरे हरियाणा के सब्जी व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने साल 2004 में सब्जी मंडी मार्केट किस्त को बंद कर दिया था, जो वर्ष 2019 तक लागू रहा। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने काेरोना काल के नाम पर एकमुश्त फीस का कानून यह कहकर लागू किया कि कुछ दिनों के बाद कानून वापस ले लिया जाएगा। मगर चार वर्ष बीतने के बाद भी कानून वापस नहीं हुआ है। एकमुश्त राशि 20 हजार से बढ़ाकर सात लाख रुपये सालाना लेने के लिए कह दिया गया है। इस राशि में प्रति वर्ष दो प्रतिशत बढ़ोतरी की जाएगी।
फतेहाबाद की सब्जी मंडी में 80 लाइसेंस

फतेहाबाद शहर की सब्जी मंडी में मार्केट कमेटी प्रशासन के तहत 80 लाइसेंस धारक सब्जी विक्रेता हैं। हालांकि, मंडी में दुकानें 110 बनी हुई हैं। रोजाना औसतन एक दुकान पर 100 क्विंटल सब्जी की खरीद होती है। इस तरह रोजाना 10 से 11 हजार क्विंटल सब्जी की बिक्री होती है। मगर बुधवार को सब्जी मंडी बंद रहने के कारण यह खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से बंद रही।
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किसानों ने सीधी रेहड़ी चालकों को बेची सब्जियां
हालांकि, पहले से ही हड़ताल का एलान होने के कारण सब्जी की फसल बेचने आए किसानों ने समझदारी से काम लिया। उन्होंने सब्जी मंडी की बजाय सीधे रेहड़ी चालकों को सब्जी बेची। इस कारण उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं झेलना पड़ा। धरना स्थल पर सब्जी मंडी यूनियन के उपप्रधान मोहन सैनी, सचिव जनक, उपप्रधान कालीचरण फुटेला, मोनू, रामकुमार, दीपक सैनी, राधेश्याम सहित कई व्यापारी और आढ़ती मौजूद रहे।


-प्रदेश सरकार द्वारा लागू किया गया कानून सब्जी व्यापारियों और आम जनता के लिए गलत है। इसका पूरे हरियाणा में विरोध किया जा रहा है। सरकार को तत्काल प्रभाव से कानून वापस लेना चाहिए।

-भूपसिंह, प्रधान, सब्जी मंडी यूनियन

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प्रदेश सरकार एकमुश्त फीस भरने का कानून लागू कर आढ़तियों और व्यापारियों पर अतिरिक्त भार डाल रही है। सरकार जब तक इस कानून को वापस नहीं लेगी, तब तक सब्जी विक्रेता अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

-मोतीराम सैनी, सब्जी विक्रेता


प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए कानून से एक साल की एडवांस किस्त देना एक व्यापारी की पहुंच से बाहर है। इससे व्यापारी पर अतिरिक्त खर्च बढ़ता है, जो किसान और व्यापारी दोनों के लिए सही नहीं है।

-कृष्ण कुमार, सब्जी विक्रेता

सरकार ने कोराेना काल के नाम से केवल कुछ दिनों के लिए यह कानून लागू किया था। मगर अब एकमुश्त फीस 20 हजार से बढ़ाकार सात लाख सालाना कर दी है। यह राशि एक व्यापारी के लिए बहुत बड़ी है। इस कानून को वापस लिया जाए।

-मोनू, उपप्रधान, सब्जी मंडी यूनियन


मैं उत्तर प्रदेश का निवासी हूं। सब्जी मंडी से रोजाना दुकानों तक रेहड़ी के जरिये सब्जियां पहुंचाता हूं। सब्जी मंडी में हड़ताल के चलते सुबह से कोई काम नहीं मिला।

केजरीवाल, रेहड़ी चालक
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मैं सब्जी मंडी फतेहाबाद में पल्लेदारी करता हूं। हड़ताल के चलते सुबह से कोई काम नहीं मिला है। थोड़ी परेशानी तो हुई है। मगर व्यापारियों की मांगें भी जायज हैं।
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हरिओम, पल्लेदार
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