फतेहाबाद। नशे का गढ़ माने जाने वाले पंजाब के साथ लगते रतिया क्षेत्र में भी प्रदेश सरकार नशा मुक्ति केंद्र खोलने जा रही है। नशा छोड़ने को लेकर उपचार के लिए मरीजों को अब जिला नागरिक अस्पताल में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रतिया में नशा मुक्ति केंद्र के लिए सरकार ने प्रोविजनल लाइसेंस जारी कर दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग ने स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। विभाग से मंजूरी मिलते ही यहां भी 10 बेड का नशा मुक्ति केंद्र शुरू हो जाएगा। टोहाना में भी नशा मुक्ति केंद्र खोलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल में ही नशा मुक्ति केंद्र चल रहा है। यहां पर वर्ष 2018 में नशा मुक्ति केंद्र शुरू हुआ था। जिले भर से मरीज नशा छोडऩे को लेकर उपचार के लिए यहां पर आ रहा है। पिछले साल नशा मुक्ति केंद्र में उपचार लेने के लिए 2452 मरीज रजिस्टर्ड हुए हैं और 251 मरीज दाखिल हुए हैं। जिले में हेरोइन और मेडिकल नशा के सबसे ज्यादा मरीज है। नशा मुक्ति केंद्र में काउंसिलिंग के दौरान के सामने आ रहा है युवा चिट्टा यानि हेरोइन नशे का इंजेक्शन के जरिए नशा ले रहे है। इसके अलावा मेडिकल नशा भी ले रहे हैं। मेडिकल नशा युवाओं को आसानी उपलब्ध भी हो रहा है। संवाद
वर्ष 2023 में नशा मुक्ति केंद्र फतेहाबाद में ओपीडी और दाखिल हुए मरीज
माह ओपीडी दाखिल हुए
जनवरी 282 21
फरवरी 237 24
मार्च 236 15
अप्रैल 180 12
मई 187 36
जून 189 19
जुलाई 190 21
अगस्त 261 27
सितंबर 140 20
अक्टूबर 162 20
नवंबर 205 19
दिसंबर 183 17
कुल 2452 251
ओएसटी सेंटर भी हो चुका है शुरू नागरिक अस्पताल में पिछले साल ओएसटी सेंटर भी शुरू हो गया है। यहां पर मरीजों की काउंसिलिंग और उपचार दिया जा रहा है। ओएसटी में मरीज को डॉक्टर की निगरानी में दवाई दी जाती है। फतेहाबाद शहर में 561 युवा सीरींज के जरिए हेरोइन नशा ले रहे है। इसका खुलासा टीआई के सर्वे में हो चुका है।
कोट
रतिया के अस्पताल में भी नशा मुक्ति केंद्र खोला जाएगा। इसको लेकर प्रोविजनल लाइसेंस मिल चुका है और स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया गया है।
-डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन