कैथल। नरेद्र मोदी की अगुवाई में आगामी 9 से 12 सितंबर को गुजरात में आयोजित होने वाले गुजरात कृषि एक्सपो से हरियाणा सरकार ने ऐन वक्त पर हाथ पीछे खींच लिया है।
दरअसल सरकार की ओर से किसानों का नेतृत्व करने के लिए जा रहे अधिकारियों की विधानसभा सत्र में ड्यूटी लगाए जाने के कारण अब प्रदेश की ओर से प्रतिनिधिमंडल गुजरात नहीं जाएगा।
इससे प्रदेश के करीब 135 किसान अंतरराष्ट्रीय स्तर की नवीनतम जानकारियों से वंचित रह जाएंगे। कई किसानों ने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए फैसला लिया है कि वे बिना अधिकारियों के ही इस आयोजन में भाग लेने के लिए गुजरात जाएंगे।
तय कार्यक्रम के अनुसार आगामी 9 से 12 सितंबर तक अहमदाबाद में आयोजित होने वाले गुजरात कृषि एक्सपो में हरियाणा के लगभग 130 ये अधिक किसानों और दर्जन भर अधिकारियों को जाना था। इसके लिए कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं।
कैथल जिले में तो रात्रि प्रवास कार्यक्रम में किसानों को प्रशासन की ओर से टिकट भी वितरित किए जा चुके थे।
इसमें कैथल के ईश्वर सिंह कुंडू, रणधीर सिंह जाजनपुर, रामेश्वर आर्य एवं महेंद्र रसीना को टिकट भी वितरित किए गए थे।
अपने खर्चे पर जाएंगे गुजरात
तय कार्यक्रम के अनुसार किसानों को 7 सितंबर को दिल्ली में एकत्रित होना था। यहां से कृषि विभाग के अधिकारियों के नेतृत्व में किसान गुजरात के लिए रवाना होते। लेकिन सरकार के इस फैसले के चलते प्रदेश के लगभग 130 से अधिक किसान अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी से वंचित रह सकते हैं।
अब अधिकारियों के न जाने के कारण कुछेक किसानों ने अपने स्तर पर ही गुजरात जाने का निर्णय लिया गया है। प्रगतिशील किसान रणधीर जाजनपुर ने बताया कि यह फैसला राजनीति से प्रेरित हो सकता है।
क्योंकि गुजरात में कांग्रेस पार्टी की सरकार नहीं है। जब एक बार सारा कार्यक्रम तय हो चुका तो विधानसभा सत्र का बहाना बनाकर यह कार्यक्रम ऐन वक्त पर रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे खुद अब अपने खर्च पर साथी किसानों के साथ गुजरात जाएंगे।
‘विधानसभा सत्र में व्यस्तता के कारण अधिकारी गुजरात नहीं जा पाएंगे। इस कारण इस टूर को रद्द किया गया है।
- डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक