प्रदूषण बढ़ने के कारण
पीजीआई चंडीगढ़ में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल ने बताया कि धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने और बॉर्डर क्षेत्र होने के कारण ज्यादा प्रदूषित चल रहा है। पराली जलाने के मामलों में भी वृद्धि हुई है। दिल्ली, पंजाब व राजस्थान की प्रदूषित हवा भी बॉर्डर जिलों को प्रभावित कर रही है।
बोर्ड ने कहा-पिछले साल के मुकाबले कम है प्रदूषण
प्रदूषण रोकने के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले प्रदेश में प्रदूषण का स्तर कम है। किसी-किसी जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार ज्यादा आने की वजह आ रही है कि वहां एक्यूआई मॉनिटरिंग मशीन उसी जगह लगी है, जहां प्रदूषण के कारण ज्यादा हैं, जो आसपास के क्षेत्र को नहीं प्रभावित कर रहे। -निर्मल कश्यप, एयर सेल प्रमुख, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।