गोरखपुर परमाणु संयंत्र के लिए अधिग्रहित की गई जमीन पर अब मुआवजा ले चुके
किसानों ने सरसों की बिजाई कर दी है। यहां पर करीब 45 एकड़ से भी अधिक भूमि
में बिजाई की जा चुकी है।
बिजाई करने वाले किसान सरकार से
अधिग्रहित जमीन की राशि, खेतों में लगी पाइप लाइन, मकानों और सिंचाई
ट्यूबवेलों का मुआवजा भी वसूल कर चुके हैं। इसके बावजूद खाली जमीन को देखकर
वे इस पर दो बार पहले भी बिजाई कर चुके हैं।
गांव गोरखपुर में
प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए एनपीसीआईएल ने किसानों की 1313
एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया हुआ है। ज्यादातर किसान अपनी भूमि के बदले
मुआवजा राशि ले चुके हैं जबकि परमाणु संयंत्र के विरोध के चलते करीब 28
एकड़ जमीन के मालिक किसानों ने मुआवजा राशि के चेक नहीं लिए हैं।
गोरखपुर
के आधा दर्जन परिवारों ने अधिग्रहित जमीन पर सरसों की बिजाई कर ली है।
इससे पहले भी जमीन के बदले मुआवजा लेने वाले किसान इस भूमि पर पैदावार लेते
आ रहे है। इस संबंध में गोरखपुर न्यूक्लियर पॉवर प्लांट के परियोजना
निदेशक टीआर अरोड़ा ने बताया कि किसानाें को इस जमीन पर फसल की बिजाई करने
का अधिकार नहीं है। किसान जमीन के बदले मुआवजा ले चुके हैं। अगर किसी ने
यहां बिजाई की तो वह अवैध होगी और उसे उखाड़ दिया जाएगा।