हरियाणा के जींद के गांगोली गांव में एक ही परिवार के लोगों के बीच पिछले तीन वर्ष से जमीन विवाद चल रहा था। इस विवाद के चलते दोनों परिवार एक-दूसरे से रंजिश रखे हुए थे। रामकिशन व सूरता के परिवारों में पहले छोटी-छोटी बातों को लेकर कहासुनी होती रही है। अगस्त में खेत में पानी देने को लेकर विवाद हुआ था।
दोनों परिवारों के बीच में तीन साल से जमीन के खातों को अलग करने व खेत में बनी पानी की नाली को लेकर झगड़ा हो गया था। उस झगड़े को लेकर कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन उनका समझौता नहीं हुआ। गुरुवार को दोनों गुट आमने-सामने हो गए, जिसमें एक की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दोनों पक्षों के छह लोग घायल हो गए। मृतक धर्मपाल की पत्नी सीमा ने कहा कि एसपीओ कुलबीर हत्या के इरादे से ही घर से निकला था। उसे हमारे परिवार का जहां भी कोई सदस्य मिला, उसने वहीं पर गोली दाग दी।
रामकिशन गुट के लोग बोले-पालेराम के सीने में गोली लगी
रामकिशन गुट के घायल हुए बिजेंद्र ने आरोप लगाया कि एसपीओ कुलबीर सिंह ने मोटरसाइकिल पर आ रहे विकास व धर्मपाल उर्फ पालेराम पर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायर कर दिया। इसमें विकास के हाथ में गोली लगी, जबकि उसकी बाइक के पीछे बैठे धर्मपाल उर्फ पालेराम के सीने में गोली लग गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
विकास ने इस घटना की जानकारी फोन पर परिवार के अन्य लोगों को दी तो एसपीओ कुलबीर व उसके भाई ओमबीर को दूसरे गुट के लोगों ने घेर लिया तो एसपीओ कुलबीर सिंह ने यहां पर भी गोली चला दी। इसमें बिजेंद्र के हाथ में, बलराज के पांव में, मंगल के पेट में गोली लगी और रामकुमार को भी चोट आई। इस वारदात में उसके परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए। सभी घायलों को पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है।
एसपीओ कुलबीर बुधवार को आया था छुट्टी पर
कुलबीर ने बताया कि वह बुधवार को ही फरीदाबाद से छुट्टी लेकर गांव में आया था। गुरुवार को वह अपने भाई ओमबीर को साथ लेकर खेतों में पानी देने के लिए गए थे। जब दोनों पानी देकर लौट रहे थे तो दूसरे गुट के लोगों ने साजिश से गांव के मोड़ पर पहुंचते ही हमला कर दिया। हमलावरों के पास अवैध हथियार भी थे।
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हमलावरों से बचने के लिए उसने अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से हवाई फायर किया, ताकि हमलावर डर के मारे भाग जाए, लेकिन हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार, लाठी-डंडों से हमला जारी रखा। इसी दौरान उसने बचाव में हमलावर बलराज के पांव में गोली मारी, लेकिन इसके बाद भी हमलावर पीछे नहीं हटे और उस पर हमला कर घायल कर दिया। उसने बताया कि उसने केवल तीन गोलियां चलाई थीं, लेकिन इतने लोगों को गोली कैसे लगीं, इसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं। आरोप है कि उसका रिवॉल्वर भी घटनास्थल पर नहीं मिला।
नागरिक अस्पताल में पुलिस के पहरे में किया दाखिल
झगड़े के बाद दोनों पक्षों के लोगों को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां पर पुलिस ने दोबारा से हमला होने के संदेह में भारी पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने घायलों को पुलिस की निगरानी में ही रोहतक पीजीआई में दाखिल करवाया। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस का गांगोली गांव में भी पहरा लगाया गया है, ताकि दोबारा तनाव न हो सके।
पीजीआई में जींद से पहुंचे छह घायल, दो की हालत नाजुक
रोहतक पीजीआई के ट्रामा सेंटर में गुरुवार को जींद से छह लोग गंभीर रूप से घायल हालत में पहुंचे। इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। उपचाराधीन दोनों मरीजों को गोली लगी है। इनमें से मंगल के सीने पर और बलराज की जांघ में गोली लगने से नस फट गई। डॉक्टर इनके उपचार में जुटे हुए हैं।
गुरुवार शाम पीजीआई में छह घायल एक साथ पहुंचे। इनमें एक पक्ष से विकास, बिजेंद्र, मंगल, बलराज व दूसरे पक्ष से कुलबीर व ओमबीर शामिल हैं। इनमें से मंगल के सीने पर दाईं ओर, बलराज की बाईं जांघ, बिजेंद्र की बाईं कलाई व विकास के दाएं हाथ पर गोली लगी है, जबकि कुलबीर के माथे पर फरसे की चोट है। ओमबीर के सिर से गोली छूकर निकल गई।
इसे डंडों से पीटे जाने की बात भी कही जा रही है। गोली लगने से गंभीर रूप से घायलों के आने के बाद ट्रामा सेंटर में भी अफरा तफरी मच गई। यहां मरीजों की जांच व इलाज के लिए चिकित्सकों की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायलों को इलाज देना शुरू किया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज चल रहा है।