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PLMA के तहत ईडी की कार्रवाई: 590 करोड़ के घोटाले में 16.63 करोड़ की संपत्ति कुर्क, लग्जरी वाहन भी दायरे में

Sun, 12 Jul 2026 08:25 AM IST
Naveen माई सिटी रिपोर्टर, पंचकूला (हरियाणा)

सार

ईडी के अनुसार कुर्क की गई अधिकांश संपत्तियां पंचकूला, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में स्थित हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर इन संपत्तियों का उपयोग अपनी अवैध कमाई को निवेश करने और विलासितापूर्ण जीवनशैली पर खर्च करने के लिए किया।
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प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : ED
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सरकारी धन के कथित 590 करोड़ रुपये के महाघोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 16.63 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैचमेंट) कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियां घोटाले से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।

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ईडी की जांच में सामने आया है कि सरकारी खातों से धन निकालकर उसे निजी कंपनियों और अन्य माध्यमों में डायवर्ट किया गया। एजेंसी का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल रियल एस्टेट में निवेश, महंगे वाहनों की खरीद और अन्य संपत्तियां अर्जित करने में किया गया।

इन आरोपियों की संपत्ति कुर्क

  • रिभव ऋषि (तत्कालीन बैंक प्रबंधक): जांच एजेंसी ने उन्हें मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। आरोप है कि सरकारी धन को निजी कंपनियों में स्थानांतरित करने में उनकी अहम भूमिका रही।
  • अभय कुमार (बैंक कर्मी): रिभव ऋषि के करीबी सहयोगी बताए गए अभय कुमार पर जालसाजी और धन के अवैध हस्तांतरण में शामिल होने का आरोप है।
  • विक्रम वाधवा (रियल एस्टेट डेवलपर): ईडी के अनुसार वह उन प्रमुख लाभार्थियों में शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर घोटाले की रकम से लाभ उठाया।

क्या-क्या किया गया कुर्क

  • आरोपियों के विभिन्न निजी बैंक खातों में जमा राशि फ्रीज की गई।
  • रिभव ऋषि के पास से बरामद भारी नकद राशि को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया।
  • जमीन और व्यावसायिक संपत्तियां कुर्क की गईं, जिन्हें अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) से खरीदा गया बताया गया है।
  • लग्जरी वाहनों को भी कुर्की की सूची में शामिल किया गया है।

पंचकूला-चंडीगढ़ में निवेश के सुराग

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ईडी के अनुसार कुर्क की गई अधिकांश संपत्तियां पंचकूला, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में स्थित हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर इन संपत्तियों का उपयोग अपनी अवैध कमाई को निवेश करने और विलासितापूर्ण जीवनशैली पर खर्च करने के लिए किया। जांच एजेंसी अब धन के अंतिम लाभार्थियों, शेल कंपनियों और अन्य संभावित निवेशों की भी पड़ताल कर रही है। ईडी का कहना है कि मामले में आगे और संपत्तियों की पहचान होने पर अतिरिक्त कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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