हरियाणा के जिला सिरसा में स्थित डेरा सच्चा सौदा के खेल मैदान में वीरवार को तीसरे दो दिवसीय राज्यस्तरीय किसान एवं कृषि नई तकनीक मेले का आयोजन किया गया।
इसमें कृषि उपकरणों, उत्पादों, बीजों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके साथ ही चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और लाला लाजपत राय पशु विश्वविद्यालय हिसार के वैज्ञानिकों ने किसानों को परामर्श देते हुए उनकी समस्याओं का समधान किया।
मेले का शुभारंभ करने के बाद डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां ने हर स्टॉल पर पहुंचकर अवलोकन किया। किसी स्टॉल पर आधुनिक कृषि यंत्र थे, तो किसी पर पुराने समय में प्रयोग किए जाने वाले यंत्र थे।
आर्गेनिक प्रोडक्ट्स स्टॉल पर डेरा सच्चा सौदा में उगाई गई आर्गेनिक सब्जियों और फलों का आकार सभी के आकर्षण का केंद्र रहा।
मेला स्थल के बीच डेरा प्रमुख द्वारा डिजाइन आकर्षक काराें की स्टॉल लगाई गई थी। हिमाचल स्थित चचिया नगरी डेरा, सच नर्सरी, सब्जी और फ्रूट स्टाल आकर्षण का केंद्र रहे।
मेले में हरियाणा और पंजाब के प्र्रगतिशील किसानों के साथ-साथ कृषि उपकरण बनाने वाली क ंपनियों के स्टाल लगाए गए थे।
इस दौरान खेल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। दो ट्रैक्टरों के बीच रस्साकसी मुकाबला करवाया गया। रस्सी के स्थान पर मोटी जंजीर बांधी गई थी।
इसके बाद ट्रैक्टर ट्राली बैक रेस का आयोजन किया गया। विजेताओं को पुरस्कार स्वरूप नकद राशि प्रदान की गई।
इस अवसर पर शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों ने ‘राम पिया का बज रहा रे नगाड़ा’ और ‘नंबरदारा दा मुंडा ट्रैक्टर चलाउंदा’ गीत पर डांस और भंगड़ा प्रस्तुत किया।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख ने कहा कि किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण देने के लिए डेरे में किसान प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी।
वे वीरवार को तीसरे दो दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्हाेंने कहा कि मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकाें से रू-ब-रू करवाना है।
मेले में आधुनिक कृषि यंत्र लगाए गए हैं, जो फसल कटाई के बाद घास-फूस को खाद में बदल देती है।
उन्हाेंने बताया कि आर्गेनिक खेती बहुत ज्यादा फायदेमंद है। किसान मेले में लगाई गई आधुनिक डिजाइनों की गाड़ियाें के बारे में उन्हाेंने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियाें को माडीफॉई कर उन्हें आधुनिक रूप दे दिया जाता है।
लोग जिसे कचरा समझ कर छोड़ देते हैं उसी कचरे से नए-नए डिजाइनों की गाड़ियां तैयार की जाती है। उन्हाेंने कहा कि जिन गाड़ियों के डिजाइन तैयार किए हैं, उनका पेटेंट भी करवाया जाएगा।