चरखी दादरी। गांव खाचरोली निवासी 42 वर्षीय मनोज की राजस्थान के गांव देबलावास में संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ निगलने से मौत हो गई। वह अपनी मां के साथ पांच अक्तूबर को किसी जरूरी काम से अपनी बड़ी बहन के घर देबलावास गया था। घटना के बाद परिजन उसे उपचार के लिए बुहाना के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद नारनौल रेफर कर दिया। हालत गंभीर होने पर उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
मृतक के शव को चरखी दादरी के नागरिक अस्पताल स्थित शवगृह में रखवाया गया था। सूचना मिलने पर राजस्थान के जिला झुंझुनूं की बुहाना पुलिस चौकी से एएसआई रामचंद्र दादरी पहुंचे। पुलिस ने मृतक के ताऊ के बेटे राकेश के बयान दर्ज किए। इसके बाद पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए शव का बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों ने बताया कि गांव खाचरोली निवासी मनोज पिछले लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा है। पांच अक्तूबर को मनोज अपनी मां के साथ राजस्थान के गांव देबलावास गया था, जहां उसने भूलवश जहरीला पदार्थ निगल लिया था। जांच अधिकारी एएसआई रामचंद्र ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मनोज पिछले लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। परिजनों के अनुसार उसने संभवत: भूलवश जहरीला पदार्थ निगल लिया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में मौत हो गई। मृतक के चचेरे भाई राकेश के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई कर बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया गया।