कन्या गुरुकुल पंचगांव में योगाभ्यास करतीं छात्राएं।
बाढड़ा। कन्या गुरुकुल पंचगांव में चल रहे योग एवं चरित्र निर्माण शिविर के तीसरे दिन छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीके सिखाए गए। प्रात: कालीन सत्र में आत्मरक्षा के लिए लाठी चालन और जूडो कराटे का अभ्यास करवाया गया। सत्र की शुरुआत योग एवं व्यायाम के साथ की गई और यज्ञ के साथ सत्र का समापन किया गया।
बौद्धिक सत्र में हरपाल आर्य ने अपने व्याख्यान में सही व गलत आचरण विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी कार्य को करने से पहले मन में डर या हिचक हो तो सही या गलत का मनन कर लेना चाहिए। इसके लिए अपने आप पर नियंत्रण रखना होगा। उन्होंने कहा कि छात्राएं अपने विवेक से काम लें तो सही एवं गलत में अंतर कर पाएंगी।
शिविर की अध्यक्षता कर रही आचार्य जया ने बताया कि तीसरे दिन सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अभिव्यक्ति के विकास के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम अंदर छिपी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने के साथ-साथ आनंद प्राप्त करने का माध्यम भी होता है। सायंकालीन सत्र में बालिकाओं को आर्य समाज के नियम व ईश्वर उपासना से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। शिविर में मोनू, ओमप्रकाश, अजय शास्त्री, प्रभा आर्य, हेमलता, रितू, निशा आदि उपस्थित रहे।