जनसंगठनों की ओर से निकाली गई यात्रा बुधवार को पहुंची जिले के आठ गांवों में, ग्रामीणों को बताए नशे के दुष्प्रभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। आर्य समाज, आर्यवीर दल, गुरुकुल दादरी और सर्वहित साधना न्यास की ओर से महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर जिलास्तरीय यज्ञ यात्रा का शुभारंभ किया गया। यात्रा की शुरुआत चंपापुरी स्थित आर्य हिंदी संस्कृत महाविद्यालय गुरुकुल प्रांगण से की गई।
यात्रा को आर्य प्रतिनिधि सभा के मंत्री उमेद शर्मा ने रवाना किया। इसमें स्वामी सच्चिदानंद व आचार्य प्रवीण योगी का नेतृत्व रहा। सत्यवान आर्य जेवली, रामकुमार आर्य, वेदप्रकाश आर्य, राकेश आर्य, अनुराग, विचार, मोहित, कपिल, अरविंद के सहयोग से यात्रा गुरुकुल से रवाना होकर रावलधी, खातीवास, कमोद, मिर्च, मिसरी, कोहलावास, सांवड़ होते हुए सांजरवास पहुंची।
स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि जीवन में किसी लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हमें नशे से दूर रहना होगा। नशे से दूर रहेंगे तो जीवन में हर वह लक्ष्य पा सकते हैं, जिसकी हम कल्पना करते हैं। नशा एक ऐसी चीज है, जो हमारे सपनों को तो खत्म करता ही है, साथ ही हमें अंदर से खोखला भी बनाता है। आज का युवा अपने मकसद और अपने सपनों से सिर्फ इसलिए भटक रहा है, क्योंकि वह नशे की गिरफ्त में जा रहा है।
इस अवसर पर प्रोफेसर देवदत्त आर्य, आनंद, सत्यवीर शास्त्री, सुकर्मपाल सांगवान, सुरेंद्र आर्य, मनजीत आर्य, श्यामसुंदर चाबा, रितेश शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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शहर के चंपापुरी गुरुकुल से यज्ञ यात्रा को रवाना करते गणमान्य लोग। स्रोत : संगठन