चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में एक्सपायर तिथि की कैसेट से एक्स-रे हो रहे हैं। यह समस्या एक-दो माह से नहीं बल्कि एक साल से बनी हुई है। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से नई एक्स-रे कैसेट के लिए मुख्यालय को डिमांड भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक यह पूरी नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार एक्सपायरी तिथि की कैसेट से एक्स-रे करने में तीन से चार गुना समय ज्यादा लग रहा है।
एक्सपायरी तिथि की कैसेट होने से एक्स-रे कक्ष में तैनात विशेषज्ञों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर एक एक्स-रे में ज्यादा समय लगने से मरीजों को अपनी बारी के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो एक्स-रे करवाने आने वाले मरीजों की संख्या अधिक होने से कइयों का तो नंबर ही नहीं आ पाता। उन्हें ओपीडी पर्ची देने के बाद अगले दिन भी बुलाकर एक्स-रे किया जाता है।
बता दे कि सिविल अस्पताल में हर रोज करीब 150 एक्स-रे होते हैं। एक्स-रे कक्ष में बड़ी कैसेट की कमी है जबकि छोटी कैसेट एक्सपायरी तिथि की है। अस्पताल में इस समय केवल तीन 14317 व तीन 10312 आकार की ही कैसेट हैं। इन छोटी कैसेटों में दो एक्सपायरी तिथि की हैं, जिसके चलते सीधे तौर पर उपचार प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। संवाद
मरीज बोले: दूसरे दिन हुआ है एक्स-रे
एक्स-रे करवाने आए मरीज हवासिंह, प्रदीप कुमार, सरोज देवी, राजेश कुमार, पिंकी देवी व सुरेंद्र कुमार आदि मरीजों ने बताया कि वो पिछले दो दिनों से एक्स-रे करवाने के लिए अस्पताल में आ रहे है, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें लौटा दिया जाता है। ऐसे में जहां उनका समय बर्बाद हो होता है तो वहीं उपचार भी समय पर नहीं करवा पा रहे हैं।
- ऑर्थो ओपीडी के एक्स-रे सबसे अधिक
सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए एक्स-रे सुविधा निशुल्क है। यहां प्रतिदिन 150 मरीज एक्स-रे करवाने आते हैं, जिनमें ऑर्थो के एक्स-रे सर्वाधिक हैं। प्रतिदिन ऑर्थो से जुड़े करीब 50 एक्स-रे होते हैं। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एक्स-रे कैसेट नहीं होने के कारण हर रोज करीब 20 मरीजों को बिना एक्स-रे करवाए लौटना पड़ रहा है।
पिछले चार दिनों में इतने हुए है एक्स-रे,
तारीख- एक्स-रे हुए
13 फरवरी-135
14 फरवरी-145
15 फरवरी-117
16 फरवरी-169 (नोट: आंकड़े अनुसार अस्पताल में पिछले चार दिनों में 566 मरीजों के एक्स-रे हुए हैं।)
- प्रति एक्स-रे बच सकते हैं 15 मिनट
अगर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में छोटी व बड़ी कैसेट हो तो प्रति एक्स-रे 15 मिनट कम समय लगेगा। ऐसे में अस्पताल में एक्स-रे के लिए आने वाले सभी मरीजों को समय पर रिपोर्ट मिल सकती है।
- वर्ष 2017 में आई थीं 6 एक्स-रे कैसेट
अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन के साथ ही तीन छोटी व तीन बड़ी एक्स-रे कैसेट वर्ष 2017 में आई थी। इनमें दो छोटी कैसेट पिछले एक साल से एक्सपायर हैं। ऐसे में एक्सपायरी कैसेट से एक्स-रे होने करने और रिपोर्ट तैयार करने में 20 से 25 मिनट का समय लग रहा है।
अस्पताल के लिए 8 एक्स-रे कैसेटों के ऑर्डर दिया हुआ है। इस सप्ताह तक हमारे पास नई एक्स-रे कैसेट पहुंच जाएंगी। कैसेट आने के बाद मरीजों का जल्दी नंबर आ सकेगा और सभी मरीज प्रतिदिन कवर कर सकेंगे।
-राजवेंद्र मलिक, एसएमओ, सिविल अस्पताल