चरखी दादरी। बारिश के कारण केंद्र सरकार की संशोधित वितरण क्षेत्र स्कीम का 50 करोड़ की बिजली परियोजना का काम अटक गया है। शहर में बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए इसके तहत विभिन्न कार्य होने हैं। परियोजना पर काम पूरा होने के बाद शहर में पावर कट व कम वोल्टेज की समस्या नहीं रहेगी और करीब 20 हजार से अधिक उपभोक्ता को इसका लाभ मिलेगा।
शहर में 12 फीडर हैं जबकि एक मुख्य पावर सब स्टेशन है। इसके अलावा चरखी स्थित बीबीएमबी पावर स्टेशन है और यहां से भी शहर में बिजली आपूर्ति होती है। दोनों में मुख्य बीबीएमबी चरखी पावर सब स्टेशन है। साथ लगते गांवों में बने पावर सब स्टेशनों से भी शहर की कॉलोनियों को जोड़कर काम चलाना पड़ रहा है। शहर में बिजली के तारों की स्थिति काफी खराब हैं। बारिश की झड़ी में तारों में जल्दी फॉल्ट आ जाते हैं और व्यवस्था सुचारु करने में कई घंटे लग जाते हैं। कई भागों में तार काफी पुराने हैं जो बार-बार टूट रहे हैं और बिजली आपूर्ति में बाधा आ रही है।
शहर में पोल की संख्या कम होने की वजह से तार जल्दी टूट जाते हैं। निर्धारित उचित दूरी पर पोल नहीं होने की वजह से तार लटकते रहते हैं ऐसे में पोल की संख्या बढ़ाने की जरूरत बनी हुई है। निगम ने बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए सभी मीटर घरों के बाहर पोल पर लगा दिए हैं। इस समय शहर का बिजली लाइन लोस 20 प्रतिशत के आसपास बना हुआ है।
- परियोजना में ये होना है काम
गत नवंबर माह से शहर में केंद्र सरकार की संशोधित वितरण क्षेत्र योजना के तहत 50 करोड़ की कार्य योजना पर काम चल रहा है। इस स्कीम के तहत शहर के सभी भागों में 500 पोल लगने हैं। 50, 80 व 120 एमएम के तार लगेंगे। पूरे शहर में करीब 30 किलोमीटर लंबाई में तार लगने हैं। नए तार लगने से फॉल्ट कम हो जाएंगे। बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा।
-10 से अधिक कॉलोनियां जुड़ी हैं ग्रामीण सब स्टेशन से
शहर की करीब दस से अधिक कॉलोनियां ग्रामीण क्षेत्र के पावर सब स्टेशन से जुड़ी हैं। यहां के बाशिंदे लंबे समय से बिजली निगम से इन कॉलोनियों को वापस शहर के रेलवे रोड स्थित पावर सब स्टेशन से जोड़ने की मांग कर चुके हैं। हालांकि निगम अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द उनकी इस मांग को पूरा कर दिया जाएगा।
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बारिश की वजह से यह कार्य अटका है। मौसम अनुकूल होते ही काम शुरू हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने से शहर में बिजली आपूर्ति में सुधार आएगा।
महेश कुमार, जेई (कनिष्ठ अभियंता), बिजली निगम