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रक्तदान से लेकर बच्चों की जिंदगी में शिक्षा की अलख जगा रही नारी शक्ति

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मंजू वत्स। - फोटो : CharkhiDadri
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आज महिलाओं का दिन है और अमर उजाला जिले की ऐसी नारी शक्तियों के हौसले को सलाम करता है, जो समाजहित में बिना स्वार्थ के निरंतर कार्य कर रही हैं। दादरी जिले की महिलाएं समाजसेवा हो या फिर रक्तदान जैसा पुण्य कार्य, हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं। महिला दिवस पर अमर उजाला अपने पाठकों को जिले की ऐसी महिलाओं से रूबरू करवा रहा है, जिन्होंने समाज में हटकर काम करके अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। पेश है एक रिपोर्ट....
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ड्रॉप आउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ रहीं अंजू, 200 को दे चुकी शिक्षा
एमए बीएड अंजू आर्या पेशे से शिक्षिका है। वे पिछले पांच साल से स्लम बस्तियों में बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रही हैं। अंजू अब तक 200 से अधिक बच्चों को शिक्षा की धारा से दोबारा जोड़ चुकी हैं। ये बच्चे स्कूल छोड़ चुके थे और अंजू ने न केवल इन्हें बैठाकर पढ़ाने के लिए जगह की व्यवस्था की, बल्कि अपने स्तर पर ही उन्हें स्टेशनरी भी मुहैया करवाई। अंजू का कहना है कि बच्चों को पढ़ाकर उनके मन को शांति मिलती है।
पहले खुद के मन से निकाला रक्तदान का डर, अब दूसरों को प्रेरित कर रहीं मंजू
समाजसेविका मंजू वत्स अब तक आठ बार रक्तदान कर चुकी हैं। उन्होंने पहले न केवल खुद की हिचक दूर की, बल्कि अब वे दूसरी महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं। अमर उजाला से बातचीत में मंजू वत्स ने बताया कि अब तक उनसे प्रेरित होकर पांच महिलाएं दो से तीन बार रक्तदान कर चुकी हैं। उनकी बेटी और वह एकसाथ रक्तदान करते हैं। मंजू वत्स का कहना है कि रक्तदान के क्षेत्र में महिलाओं को आगे लाने के लिए उन्हें इसकी शुरुआत की है।
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खेलों में इन बेटियों ने बनाई विशिष्ट पहचान
कुश्ती जगत में जहां बलाली निवासी गीता, बबीता, विनेश, संगीता और रितू फौगाट ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है तो वहीं, आदमपुर निवासी प्रियंका और पिंकी पिलानिया ने कबड्डी में क्षेत्र और प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है।

अंजू आर्या।- फोटो : CharkhiDadri

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