महिला दिवस सप्ताह के तहत मंगलवार को जिला प्रशासन ने 13 बेटियों को अधिकारियों की कुर्सियों पर बतौर शेडो ऑफिसर बैठाया। इन बेटियों को एक दिन के लिए एसडीएम, सिटीएम, डीईओ, सीजीएमजेजे, डीआईपीआरओ समेत अन्य विभाग मुखियाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वालीं बेटियों ने न केवल अधिकारियों की व्यस्त जीवन शैली के बारे में जाना, बल्कि कार्यप्रणाली को भी समझा।
महिला दिवस सप्ताह के तहत प्रशासन सात फरवरी तक महिलाओं से जुड़ीं गतिविधियां करवाएगा। इसके तहत सोमवार को बेटियों के नाम की प्लेट घरों के बाहर लगाई गई थीं। वहीं, इसी कड़ी में मंगलवार को बेटियों को एक दिन बतौर शेडो ऑफिसर अधिकारियों के साथ काम करने का मौका दिया गया। छात्राओं ने प्रशासन की इस पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सीट पर बैठकर काम करने का उन्हें प्रशासन ने जो मौका दिया है, उससे उनके हौसले और मजबूत होंगे। झोझूकलां राजकीय स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा रश्मि ने दादरी एसडीएम के रूप में कार्य किया। वह एसडीएम विरेंद्र सिंह के साथ एसडीएम कोर्ट में भी मौजूद रही।
जानिए किस बेटी ने संभाली किस अधिकारी की जिम्मेदारी
1- हिमांशी और अनुष्का बनी सिटीएम
पैंतावास कलां के राजकीय स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा अनुष्का और सीआर स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा हिमांशी ने एक दिन के सिटीएम शेडो ऑफिसर के तौर पर काम किया। उन दोनों ने बताया कि यह मौका उन्हें मिला, इसके लिए वो प्रशासन का आभार प्रकट करती हैं। इससे काफी कुछ सीखने को मिला है। अनुष्का ने एक कर्मचारी को अवकाश भी दिया।
2- भावना बनी बाढड़ा एसडीएम तो गरिमा बनी डीआईपीआरओ
चरखी राजकीय स्कूल में 11वीं की छात्रा गरिमा को डीआईपीआरओ का शेडो ऑफिसर बनाया गया। वहीं, झोझूकलां के राजकीय स्कूल की नौवीं कक्षा की छात्रा भावना को बाढड़ा एसडीएम का शेडो ऑफिसर बनाया गया। इन दोनों छात्राओं ने बताया कि उन्हें बेहद खुशी है कि उन्हें अधिकारियों के साथ एक दिन काम करने का मौका मिला।
3- कल्पना नप सचिव तो चंचल बनी डीईओ
नगरपरिषद सचिव के पद पर कल्पना ने बखूबी अपने काम को अंजाम दिया। रितिका को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और चंचल को जिला शिक्षा अधिकारी का पदभार सौंपा गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी के पद पर मनीषा, उप जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर सानिया, जिला नगर योजनाकार के तौर पर अंकुश और सीमा एक दिन की बाल विकास परियोजना अधिकारी रहीं। अधिकारी के तौर पर इन लड़कियों ने शालीनता और शांत स्वभाव से कार्य को समझा। इनके व्यवहार से अधिकारी व कर्मचारी भी प्रसन्न दिखाई दिए।
इनकंबेंसी बोर्ड पर लिखा जाएगा बेटियों का नाम: उपायुक्त
उपायुक्त राजेश जोगपाल ने बताया कि अधिकारियों के शेडो ऑफिसर के रूप में काम करके जिले की बेटियां बेहद प्रसन्न नजर आईं। इन बेटियों का नाम अधिकारियों के कार्यालयों में लगे इनकंबेंसी बोर्ड भी लिखा जाएगा।
सीट पर बैठी अनुष्का व हिमांशी और बगल में बैठे सिटीएम अमित मान।- फोटो : CharkhiDadri