- बाढड़ा हलके से चंद्रावती और दादरी हलके से बिमला देवी पहली महिला प्रत्याशी के तौर पर उतरी थीं मैदान में, चंद्रावती को 9635 तो बिमला देवी को मिले थे महज 56 वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। 67 साल के चुनावी इतिहास में अब तक 7 महिलाओं ने ही अपना भाग्य आजमाया है। वर्ष 2024 के चुनाव में दोनों हलकों के अंदर दो ही महिला उम्मीदवार मैदान में उतरी है। वहीं, पिछले आंकड़ों पर गौर करें तो बाढड़ा हलके से वर्ष 1967 में चंद्रावती और 1991 में दादरी हलके से बिमला देवी पहली महिला प्रत्याशी रही हैं।
महिला प्रत्याशियों के आंकड़ों पर हलकावार बात करें तो बाढड़ा की पहली महिला प्रत्याशी चंद्रावती ने वर्ष 1967 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी अत्तर सिंह को 15,003 वोट मिले थे। चंद्रावती 9635 वोट लेकर उपविजेता रही थीं। वर्ष 1968 में बाढड़ा हलके से दूसरी महिला प्रत्याशी के तौर पर दया कुमारी ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। 7159 वोट लेकर वह तीसरे स्थान पर रहीं।
बाढड़ा हलके में इसके बाद वर्ष 1972 में लज्जा रानी ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की। विधानसभा में पहुंचने वाली हलके की पहली महिला विधायक बनी। फिर वर्ष 1977 में दया कुमारी ने कांग्रेस के टिकट पर दोबारा चुनाव लड़ा। 3734 वोट लेकर वह चौथे स्थान पर रहीं।
वहीं, दादरी हलके की बात करें तो वर्ष 1967 से 1987 के चुनाव तक एक भी महिला प्रत्याशी मैदान में नहीं आई। वर्ष 1991 में बिमला देवी ने पहली महिला प्रत्याशी के तौर पर निर्दलीय ताल ठोकी। हालांकि, वह ज्यादा कुछ खास नहीं कर पाईं और उन्हें महज 56 वोट मिले। उनके बाद शकुंतला देवी ने एसएपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और 9968 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहीं। इसके बाद वर्ष 2000 में शकुंतला ने इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़ा और 23,166 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहीं। इसके बाद वर्ष 2019 में बबीता फोगाट ने भाजपा के टिकट पर जबकि अनीता देवी ने बीएससीपी की टिकट पर चुनाव लड़ा। बबीता फोगाट वर्ष 2019 के चुनाव में 24,786 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहीं।
- दोनों हलकों में हुए 13 चुनावों में 7 महिलाओं ने ही आजमाई किस्मत
विधानसभा चुनाव लड़ने में जिले की महिला नेता पीछे हैं। पिछले 67 साल के आंकड़ों पर गौर करें तो 7 महिलाओं ने ही दोनों विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ा है। इनमें से तीन को जीत हासिल हुई। अहम बात यह है कि दादरी के बजाय बाढड़ा हलके में राजनीतिक पार्टियों ने महिला प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में ज्यादा उतारा है।
- ये महिलाएं ही पहुंच पाईं विधानसभा
जिले के दोनों हलकों की बात करें तो दादरी हलके से अब तक महिला को विधायक नहीं चुना गया है जबकि बाढड़ा हलके से तीन महिलाएं विधायक बन चुकी हैं। पहली महिला विधायक लज्जा रानी बनी थीं और उनके बाद चंद्रावती विधानसभा में पहुंचीं थीं। बाढड़ा हलके के मतदाताओं ने नैना चौटाला को तीसरी महिला विधायक बनाया। इस चुनाव की बात करें तो मनीषा सांगवान कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं जबकि अर्चना ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर दावेदारी ठोकी है। बाढड़ा हलके में इस बार एक भी महिला प्रत्याशी मैदान में नहीं है।
किस महिला प्रत्याशी को किस चुनाव में मिले कितने वोट
वर्ष- हलका नाम - वोट मिले- परिणाम
1967-बाढड़ा- चंद्रावती-9635- हार
1968- बाढड़ा- दया कुमारी- 7159- हार
1972- बाढड़ा- लज्जा रानी- 21,591- जीत
1982- बाढड़ा-चंद्रावती-21,905- जीत
1991- दादरी- बिमला-56- हार
1996-दादरी- शकुंतला देवी- 9968-हार
2000- दादरी- शकुंतला-23,166-हार
2019- बाढड़ा- नैना चौटाला-जीत
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बाढड़ा हलके की दूसरी महिला विधायक एवं पूर्व उपराज्यपाल दिवंगत चंद्रावती। संवाद
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बाढड़ा हलके की तीसरी महिला विधायक नैना चौटाला। संवाद