चरखी दादरी। लिपिकों की चल रही हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन के 20वें दिन सोमवार को पांच महिला लिपिक भूख हड़ताल पर बैठीं। वहीं, आंदोलनरत क्लर्कों ने मंगलवार को शहर में तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा कर इसकी रूपरेखा तैयार की। वहीं, लगातार 20वें दिन भी जिले में रजिस्टरी, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन आरसी से संबंधित काम ठप रहे और लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ी।
बता दें कि लंबित प्रे-ग्रेड की मांग को पूरा करवाने के लिए जिले के क्लर्क लघु सचिवालय में धरना दे रहे हैं। सोमवार को भी सुबह 9 से शाम पांच बजे तक धरना दिया गया। वहीं, सोमवार को आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए महिला क्लर्क बबीता, सुषमा, अंजू, भारती व खुशबू भूख हड़ताल पर बैठीं। साथी महिला लिपिकों ने फूलों की मालाएं पहनाकर उनको भूख हड़ताल पर बैठाया। दूसरी ओर सोमवार के भी विभिन्न जनसंगठनों ने लिपिकों के आंदोलन को समर्थन दिया।
एसोसिएशन के जिला प्रधान प्रदीप सिंह, उप प्रधान अजय यादव, सचिव पवन योगी, संयुक्त सचिव अजय यादव, कोषाध्यक्ष नरेश कुमार, मीडिया सलाहकर मोहित, कृष्ण व संदीप कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रतिदिन भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। दो दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उनकी मांग 35,400 है इससे नीचे कुछ भी मंजूर नहीं है। लगातार लोगों के मिल रहे समर्थन से लिपिकों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि इस मांग को पूरी कराने के लिए वे हर संघर्ष को तैयार हैं।
- धरनास्थल पर होगा तिरंगा यात्रा का समापन
प्रदीप सिंह और अजय यादव ने बताया कि मंगलवार को रोज गार्डन से तिरंगा यात्रा शुरू कर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए धरनास्थल पर पहुंचकर संपन्न होगी। जिले के करीब 380 लिपिक पिछले 20 दिनों से हड़ताल एवं धरने-प्रदर्शन पर हैं। 70 सरकारी विभागों के कार्य प्रभावित होने से प्रतिदिन दो से ढाई करोड़ के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। प्रदीप कुमार ने बताया कि अब बुधवार को चंडीगढ़ में सीएम के साथ तीसरे दौर की बैठक होनी है। अभी तक हुई दो बैठकों में सरकार ने उनकी मांग को जायज तो ठहराया है लेकिन लिपिकों के पक्ष में निर्णय नहीं लिया है। अब इस बैठक से उम्मीद है कि सरकार उनके पक्ष में निर्णय लेगी।