फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: ओलावृष्टि के 16 घंटे बाद भी खेतों में बिछी रही सफेद परत

विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। दो दिन में करीब 70 एमएम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने खेतों में जमकर तबाही बचाई है। बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से जिले में करीब दो लाख एकड़ में खड़ी और कटी सरसों व गेहूं की फसलों समेत सब्जियों की खेती में भारी नुकसान हुआ है। मंगलवार को विभिन्न गांवों के किसान ट्रैक्टर ट्रॉली में ओले और बर्बाद फसलें लेकर लघु सचिवालय पहुंचे। वहां उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया को ज्ञापन सौंपकर फसलों में हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग उठाई।
विज्ञापन

बता दें कि जिले में सरसों और गेहूं की फसल पहले ही पाले की मार झेल चुकी है। पाले से फसलों में 15 से 20 प्रतिशत नुकसान हुआ था। अब रविवार और सोमवार को हुई बारिश व ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल में 25 से 50 और सरसों की फसल में 75 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचाया है। मंगलवार को बारिश का सिलसिला थमने के बाद किसान खेतों में बनाए गए खलिहानों में पहुंचे तो वहां सरसों की कटी फसल पानी में डूबी मिली जबकि गेहूं की फसल उन्हें बिछी मिली। इससे किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया।
फसलों में हुए नुकसान को लेकर अब जिले में स्पेशल गिरदावरी और इसके तुरंत बाद मुआवजा वितरित करने की मांग जोर पकड़े हुए है। इसी मांग को लेकर मंगलवार सुबह करीब 30 गांवों के किसान लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने उपायुक्त कार्यालय, अतिरिक्त उपायुक्त और नगराधीश को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। इतना ही नहीं किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने आसमान से खेतों मे बरसे ओले तक रख दिए। हालांकि अधिकारियों की ओर से उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया गया। किसान करीब एक घंटे तक लघु सचिवालय में ही डेरा डाले रहे।
विज्ञापन

- किसान बोले: भयंकर थी ओलावृष्टि, 16 घंटे बद भी खेत में बिछी रही सफेद परत
किसान राजकुमार, छाजूराम, धर्मपाल सिंह, राजेश, धन सिंह व ओमप्रकाश आदि ने बताया कि ओलावृष्टि इतनी ज्यादा थी कि गांव में 16 घंटों बाद तक खेतों में ओलों की सफेद परत बिछी रही। दूधवा निवासी महिला सूरज कौर, मुन्नी देवी, सजना देवी ने बताया कि ओलावृष्टि से उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने बताया कि इस ओलावृष्टि ने ऐसे हालात बना दिए है कि अब किसानों को और कर्ज उठाकर अपने जरूरी कार्य करने पड़ेंगे।
- इन गांवों के किसान पहुंचे लघु सचिवालय
मंगलवार को दूधवा, छिल्लर, दातौली, चिड़िया, आदमपुर, बरसाना, डाढ़ी बाणा, संतोकपुरा, पैंतावास कलां, मंदौली आदमपुर डाढ़ी, छिल्लर, घसौला समेत तीस गांवों के ग्रामीणों ने लघु सचिवालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। इससे पहले सोमवार को भी पंद्रह गांवों के किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे।
किसानों का दर्द उन्हीं की जुबानी
1- तीन एकड़ में सरसों और दो एकड़ में गेहूं की फसल पककर तैयार थी। रविवार को हुई ओलावृष्टि से फसल नष्ट हो गई। सरकार को मुआवजा देकर नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।
ओम कुमार, मकड़ाना
2- पांच एकड़ में सरसों और दो एकड़ में गेहूं की फसल तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि और बारिश ने इसे चौपट कर दिया। पांच एकड़ जमीन मैंने काश्त पर ली थी।
रणसिंह, मकड़ाना
3- पाले का प्रकोप तो जैसे-तैसे फसल झेल गई, लेकिन ओलावृष्टि व बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। अब तो घर खर्च और ट्रैक्टर की किस्त भरने की चिंता सताने लगी है।
छाजूराम, दातौली
4- किसानों के सपने बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने तबाह कर दिए है। सोचा था फसल मंडी में बेचकर इस पर मकान का निर्माण करवाएंगे, लेकिन सारे सपने चकनाचूर हो गए।
विज्ञापन

सुशील, बरसाना


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें