धीमे उठान के चलते सरकार ने प्रदेश की मंडियों में दो दिन के लिए फसल खरीद बंद कर दी है। वहीं, सभी डीसी को सरकार की ओर से मंडियों से अनाज का उठान करवाने के आदेश दिए हैं। इसी के मद्देनजर दादरी डीसी राजेश जोगपाल ने भी खरीद एजेंसी के अधिकारियों को उठान में तेजी लाने के आदेश दे दिए हैं। शनिवार को अमर उजाला टीम दादरी मंडी में चल रहे उठान कार्य का जायजा लेने पहुंची तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। मंडी में श्रमिक बारिश में भीगे गेहूं को सुखाने की बजाय सीधा बारदानों में डाल रहे थे। वहीं, न तो किसी हैंडलिंग एजेंट ने इन्हें ऐसा करने से रोका और न ही किसी अधिकारी का इस ओर ध्यान गया। ऐसे में अगर यह गीला गेहूं गोदाम में पहुंचा तो वहां रखा सारा गेहूं खराब होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
दादरी मंडी की अगर बात करें तो शुक्रवार तक एक लाख 83 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। दो लाख 40 हजार बैग हैफेड और 63 हजार वेयर हाउस ने खरीदे हैं। अब तक हैफेड एक लाख 80 हजार और वेयर हाउस 33 हजार बैग का मंडी से उठान करवा चुकी है। मंडी में करीब 60 हजार क्विंटल गेहूं खुले में ही पड़ा हुआ है। दादरी मंडी में एक लाख 40 हजार बैग का पुराना स्टॉक भी टीन शेड के नीचे रखा है। हैफेड की ओर से इस स्टॉक का उठान करवाया जाना है। मंडी में जगह के अभाव और धीमे उठान को देखते हुए डीसी राजेश जोगपाल ने भी दादरी जिले में शनिवार और रविवार को खरीद बंद रखकर उठान करवाने का निर्णय लिया है। सोमवार से जिले में खरीद दोबारा शुरू होने की संभावना है।
डीसी के आदेशों का मंडी में पालन तो हुआ, लेकिन इसमें भी नियमों का उल्लंघन किया गया। अमर उजाला टीम सुबह 11:15 बजे दादरी मंडी में पहुंची। मार्केट कमेटी के कार्यालय के ठीक सामने दोनों टीन शेड के बीच में लगीं गेहूं की ढेरियों को श्रमिक बारदानों में भरते नजर आए। टीम ने ढेरी में पड़े गेहूं को उठाकर देखा तो वह गीला मिला। श्रमिकों से गीले गेहूं को बारदानों में भरने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं, टीम यहां करीब 50 मिनट तक रुकी, लेकिन कोई भी अधिकारी इन श्रमिकों को ऐसा करने से रोकने नहीं पहुंचा। श्रमिकों ने अपना यह कार्य जारी रखा। हालांकि जब उनकी नजर टीम के कैमरे पर पड़ी तो उन्होंने काम रोक दिया।
पहले भी आए हैं ऐसे मामले सामने, नहीं हुई कार्रवाई
गीले अनाज को बारदानों में भरवाने के मामले पहले भी दादरी मंडी में सामने आ चुके हैं। गत खरीद सीजन में भी अमर उजाला टीम ने मंडी परिसर में तीन दफा हुई ऐसी चूक को अपने संस्करणों में उठाया था। अब यहां देखने वाली बात होगी कि जिला प्रशासन नियमों को ताक पर रखकर गेहूं का उठान कराने वालों पर कोई एक्शन लेता है या नहीं।
उठान में तेजी न लाने पर नपेंगे खरीद एजेंसी अधिकारी
डीसी राजेश जोगपाल के आदेशों पर वीरवार को एडीसी राहुल नरवाल और सिटीएम अमित मान मंडी में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुुंचे थे। उन्होंने हैफेड और वेयर हाउस खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को उठान और भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। साथ ही ऐसा न होने की सूरत में कार्रवाई का सामना करने की बात भी कही थी। ऐसे में अगर उठान में तेजी नहीं आती है तो खरीद एजेंसी के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
वर्जन
गीले गेहूं को बारदाना में भरना नियमों के खिलाफ है। अगर ऐसा हुआ है तो यह गलत और संबंधित फर्म को हम नोटिस जारी करेंगे। हम अपने स्तर पर पता लगाएंगे कि जहां गीले गेहूं की भराई हुई है, वो ढेरी किस फर्म की है।
- राजेश ग्रेवाल, परचेज मैनेजर, वेयर हाउस