चरखी दादरी। गांव मंदोला में जलभराव और पेयजल संकट बड़ी समस्या है। इनके समाधान के लिए ग्रामीण कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने हरियाणवी लहजे में कहा कि प्रत्याशी जद वोट मांगन आवंगै तो उननै खारा पानी प्यावांगे और गांम मै पैदल घूमा कै बुरा हाल दिखावांगे।
बता दें कि गांव मंदोला में दो साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है जबकि खारे पानी की समस्या शुरुआत से है। ग्रामीण दयानंद, रविंद्र, लाल बहादुर, रघबीर, स्वर्ण सिंह आदि ने बताया कि गांव में पीने के लिए मीठे की पानी सुविधा नहीं है। बोरिंग का खारा पानी सप्लाई हो रहा है और ग्रामीण टैंकर व फिल्टर के सहारे काम चला रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बारिश के पानी की निकासी का कोई विकल्प नहीं है। पहले गांव में रोड के नीचे से नाला बनाया गया था और इसके माध्यम से सारा पानी रोड के दूसरी तरफ जोहड़ में भरता था। इससे गांव में जलभराव की समस्या नहीं होती थी। लेकिन रोड के पुनर्निर्माण होने से नाला बंद कर दिया गया। अब दो साल से गांव से पानी निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। बारिश के समय गांव पानी से लबालब हो जाता है और कई दिनों तक जलभराव रहता है। बिना निकासी के पानी खेतों में जाता है और इससे किसानों की फसल पानी खड़ा होने से नष्ट हो जाती हैं। हर साल ग्रामीण आर्थिक नुकसान सहन कर रहे हैं। अब ग्रामीण चौपाल में बैठकर इसी समस्या की चर्चा कर रहे हैं। उनका कहना है जो भी प्रत्याशी वोट देने की अपील करेगा, ग्रामीण उससे समस्याओं पर चर्चा करेंगे और समाधान के लिए उक्त को वचनबद्ध करेंगे। समाधान के लिए जो प्रत्याशी पक्का वादा करेगा, वोट उसी के पक्ष में देंगे।
गांव की यह भी समस्याएं
- खेतों का रास्ता कच्चा।
- अवरुद्ध नाले दे रहे परेशानी।
मंदौला गांव के कुछ तथ्य
आबादी - 4 हजार
मतदाता - 2208
महिला - 1049
पुरुष - 1159
साक्षरता दर - 70 फीसदी
ग्रामीण बोले: लंबे समय से बनी है समस्या
गांव में काफी समय से ये समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के अवगत कराने पर भी समाधान नहीं हुआ। अगर कोई प्रत्याशी इसका समाधान कराएगा तो ग्रामीण अपने मत उसी के पक्ष में देंगे।
सज्जन सिंह, ग्रामीण
बारिश के दौरान गांव का सारा पानी खेतों की ओर आता है। यहां नाला न होने के कारण पानी खेतों में भर जाता है। इससे फसल में नुकसान झेलना पड़ता है।
राजबीर , ग्रामीण
गांव में पीने के लिए मीठे पानी की व्यवस्था नहीं है। बोरिंग का भी खारा पानी आ रहा है और ग्रामीण अपने स्तर पर पानी का इंतजाम कर रहे हैं।
विजय सिंह
पंचायत की ओर पानी का अपने स्तर पर समाधान किया जाता है। अब ग्रामीण खारा पानी पीने का विवश हैं। कई बार अधिकारियों व संगठन प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। सुरेंद्र सिंह, सरपंच प्रतिनिधि