चरखी दादरी। गेहूं आदि फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को नहरी पानी की जरूरत है। जलघरों में भी पानी भरा जाना है। इसके लिए जिले को कम से कम 900 क्यूसेक पानी की जरूरत है। तभी सिंचाई और पेयजल की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में संभव हो सकेगी। इसीलिए जिले की नहरों में 21 फरवरी को मेन खुबडू हेड से करीब 850 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। अगले दिन 22 फरवरी को यह पानी दादरी की मेन लोहारू नहर में पहुंच जाएगा।
जिले के एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है। जिले में 1.60 लाख एकड़ में सरसों और एक लाख एकड़ में गेहूं की फसल खड़ी है। गेहूं में तीसरी सिंचाई की जरूरत है। पहली और दूसरी सिंचाई की पूर्ति 28 से 29 नवंबर 23, एक और दो फरवरी को हुई बारिश से हो गई थी।
जिले के 167 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। इस बार रबी की फसलों की कहीं तीसरी और कहीं चौथी सिंचाई के लिए किसानों को नहरी पानी चाहिए।
आजकल शहर और गांवों के जलघरों में पानी डालने की सख्त जरूरत है। शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड, दातोली, ढाणी फौगाट, चिड़िया, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझूकलां मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाना है।
- पंप और मोटरों को किया जा रहा दुरुस्त
नहर से पानी उठाने के लिए जलघरों के पंप और मोटरों आदि को सुधारा जा रहा है। कई पंपों की उठान क्षमता कम होने की वजह से इनकी मरम्मत जरूरी है। पिछले चार माह से नहरी पानी की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। हेड से बिल्कुल साफ पानी आता है। इससे जलघरों में भी पानी की गुणवत्ता में सुधार आया है।
सिंचाई के लिए भी नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। पर्याप्त मात्रा में पानी मंगवाया जाएगा। जलघरों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। - कमल सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग, चरखी दादरी।