हुडा प्रशासन अपने सेक्टर एरिया में रहने वाले लोगों को जमीनी मीठा पानी पिलाएगा। शहर के हुडा सेक्टरों में पेयजल की आपूूर्ति के लिए हुडा प्रशासन ने सेक्टर एरिया में ही पानी की गुणवत्ता की जांच करवाई है। पानी की रिपोर्ट सही मिली है। हुडा प्रशासन अब यहां डीप बोरिंग कर पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करवाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा 70 लाख रुपये की नोन रिफंडेबल राशि मांगने पर हुडा प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा है।
हुडा प्रशासन की सेक्टर क्षेत्र से कुछ दूरी पर बधवाना नहर के समीप वाटर वर्क्स की अपनी जमीन है। इस जमीन पर यह बोरिंग करवाएगा। पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होने के बाद ही जिन लोगों के ड्रा निकाले जा चुके हैं उन्हें सेक्टरों में मकान निर्माण के लिए ऑफर जारी किया जाएगा। हुडा प्रशासन अब तक 522 लोगों के ड्रा निकाल चुका है। चरखी दादरी में पांच सेक्टरों के गठन एवं निर्माण की प्रक्रिया पिछले करीब 12 साल से चल रही है। सेक्टरों में सुविधा को लेकर लोगों की लंबे समय से मांग चली आ रही थी। हुडा सेक्टरों के निर्माण को लेकर लंबे समय तक जमीन अधिग्रहण को लेकर लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा था।
शहर में हैं चार हुडा सेक्टर
शहर में हुडा प्रशासन की ओर से चार सेक्टरों के गठन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसमें सेक्टर आठ- नौ, नौ-ए, सहित सेक्टर 11 शामिल हैं। इन सेक्टरों में अब मूलभूत सुविधाएं जुटाने केे लिए काम चल रहा है।
सेक्टर आठ व नौ में निकाले जा चुके हैं 522 ड्रा
जून 2017 में हुडा की ओर से शहर के सेक्टर आठ व नौ के ड्रा भी निकाले जा चुके हैं। ड्रा निकाले जाने की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की गई थी। इन दोनों सेक्टरों में कुल 522 प्लाटों के ड्रा भी निकाले जा चुके हैं। अभी करीब 400 प्लाटों के ड्रा और निकाले जाने हैं।
पांच एकड़ में बनना है एसटीपी
इन सेक्टरों के लिए हुडा प्रशासन अलग से नया एसटीपी भी बनवाएगा, ताकि सीवरेज व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ किया जा सके। एसटीपी पांच एकड़ में बनना है। इसके लिए जल्द ही अगली प्रक्रिया शुरू होगी। एसटीपी निर्माण पूरा होने पर ही सीवरेज सिस्टम चालू हो सकेगा।
वाटर वर्क्स बनने में लगेगा समय
हुडा प्रशासन ने सेक्टरों में वाटर वर्क्स निर्माण के लिए 30 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर रखा है, लेकिन यह वाटर वर्क्स बनने में अभी दो से तीन साल का समय और लग सकता है। तब तक सेेक्टर एरिया में शहर से जनस्वास्थ्य विभाग के जरिए पेयजल आपूर्ति करवाने की प्लान हुडा प्रशासन ने तैयार की थी, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने पेयजल आपूर्ति के एवज में हुडा प्रशासन ने नॉन रिफंडेबल 70 लाख राशि की मांग की थी। इस पर हुडा प्रशासन ने जनस्वास्थ्य विभाग को इतना बजट देने से इंकार कर दिया था। अब हुडा प्रशासन डीप बोरिंग करने के प्लान पर काम कर रहा है। बोरिंग ट्यूबवेल के जरिए सेक्टर क्षेत्र में बनने वाले मकानों में पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। पेयजल के इस प्रोजेक्ट हुडा प्रशासन करीब तीन करोड़ का बजट खर्च करने की प्लानिंग में है।
सेक्टर क्षेत्र के लिए पानी की जांच करवा दी है। इसके बाद जल्द ही डीप बोरिंग करवा पाइप लाइन बिछवाई जाएंगी। इसके लिए फाइल तैयार कर ली है। हेड ऑफिस से मंजूरी ली जाएगी। सीवर-पानी का काम पूरा होने के बाद मकान बनाने के लिए ऑफर जारी कर दी जाएगी।
- भूपेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, हुडा प्रशासन।