अमर उजाला एक्सकलूसिव:
- ज्यादा मात्रा में चोरी होने की वजह से जलघरों तक नहीं पहुंच पा रहा पानी, पुलिस बल के साथ छापामारी कर रही सिंचाई विभाग की टीमें
-जिला में रबी की फसल की सिंचाई के लिए किसानों को चाहिए पानी, जलघरों के टैंक सूखे होने से गहराया है पेयजल संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। नहरी पानी की ज्यादा मात्रा में चोरी होने की वजह से पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। इतना ही नहीं, पानी छोड़े चार दिन बीत गए हैं और अब तक करीब 25 से ज्यादा जलघरों में पानी नहीं पहुंचा है। दूसरी ओर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पुलिस टीम के साथ मिलकर चार दिन में नहरी पानी चोरी के 105 मामले पकड़े हैं।
इस समय नहरों में 850 क्यूसेक पानी चल रहा है, जो सात जनवरी तक चलेगा। इस समय रबी की फसल की सिंचाई के लिए पानी चोरी की जा रही है। वहीं, जिले में पिछले 10 दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। मौजूदा नहरी टर्म में 21 दिसंबर को जिले की नहरों में पानी छोड़ा गया। पानी छोड़ते ही चोरी शुरू हो गई। अब तक सिंचाई विभाग की टीमों ने पानी चोरी के 105 मामले पकड़े हैं। अभी कार्रवाई जारी है। टीम की ओर से पानी की चोरी रोकने के लिए दिन-रात नहरों पर दबिश दी जा रही है। विभाग के अधिकारियों को पुलिस की मदद लेनी पड़ रही है। कई जगह अधिकारियों को किसानों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है।
बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के अधीन करीब 10 से ज्यादा गांवों में पानी की चोरी ज्यादा मात्रा में हो रही है। किसान नहरों पर इंजन, साइफन आदि लगाकर पानी का उठान कर सिंचाई कर रहे हैं। बधवाना नहर में इस समय 170 क्यूसेक पानी छोड़ रखा है। जबकि समसपुर पंप हाउस से मात्र दो ही मोटरें ही चल रही हैं। इतनी मात्रा में पानी छोड़ने पर पांच मोटरें चलनी चाहिए। ऐसे में पंप हाउस से पीछे ही पानी की ज्यादा मात्रा में चोरी हो रही है।
- जिले के ज्यादातर जलघर पड़े खाली इस समय शहर के अलावा सभी गांवों में जलघर खाली पड़े हैं। शहर में कई कॉलोनियों में तो चार से पांच दिन में पेयजल की आपूर्ति हो रही है। प्रोफेसर कॉलोनी निवासी एक उपभोक्ता ने बताया कि उनकी कॉलोनी में बुधवार को सात दिन बाद पानी की आपूर्ति हुई है। इससे ज्यादा बदतर हालात गांवों में बने हुए हैं।
- 100 क्यूसेक कम मिला पानी
पानी की चोरी ज्यादा होने की वजह से टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। वैसे भी इस बार 100 क्यूसेक पानी कम मिला है। इस समय मेन लोहारू कैनाल में 680 क्यूसेक पानी चल रहा है। यह जिले की मेन नहर है।
- एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई रबी की फसल की बिजाई
जिले में करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों व करीब 45 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल को सिंचाई की जरूरत है। अगर बारिश हो जाती तो सिंचाई का संकट खत्म हो जाता। वैसे भी इस बार पहाड़ाें पर बर्फबारी ज्यादा होने की वजह से पानी कम मात्रा में पिघल रहा है। इससे नदियों में पानी की मात्रा कम हो गई है।
वर्सन:
अब तक पानी की चोरी के 105 मामले पकड़े हैं। विभाग की टीमें लगातार नहरों पर छापा मार रही हैं। पुलिस की भी मदद ली जा रही है। पानी टेल तक पहुंचाने के लिए प्रयास जारी हैं। जलघरोंं में पानी समय रहते भरा जाएगा।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
फोटो-21
नहर से पानी चोरी करने के लिए लगाया गया ट्रैक्टर इंजन। संवाद
.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद
.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद
.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद