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खेत में लगी गेहूं की फसल। संवाद
- सिंचाई विभाग 44 करोड़ की परियोजना पर 15 अप्रैल से शुरू कराएगा काम, हर साल 5,000 एकड़ फसल में होता है जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले के करीब 15 गांवों के किसानों को अब मानसून की बारिश से फसलों में होने वाले नुकसान से स्थायी तौर पर छुटकारा मिल जाएगा। इसके लिए इन गांवों से अंडरग्राउंड पाइपलाइनें साथ लगतीं नहरों तक बिछाई जाएंगी। इस प्रोजेक्ट पर 44 करोड़ का बजट खर्च होगा। सिंचाई विभाग 15 अप्रैल से यह कार्य शुरू करवा देगा।
मानसून सीजन में जिले में हर साल करीब चार से पांच हजार एकड़ फसल में जलभराव हो जाता है। इससे खरीफ की फसलें खराब हो जाती हैं। किसानों को मोटा नुकसान झेलना पड़ता है। इतना ही नहीं, खरीफ के अलावा अगली रबी की फसल की बिजाई भी समय पर नहीं हो पाती है।
करीब 20 ऐसे गांव हैं, जिनमें जलभराव की दिक्कत ज्यादा बनी रहती है। हर साल मोटर एवं पंप लगाकर खेतों से पानी की निकासी करवानी पड़ती है। किसान इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग लंबे समय से करते आ रहे थे।
अब इन गांवों में बारिश के पानी की निकासी के लिए सरकार की ओर से 44 करोड़ का बजट मंजूर कर दिया गया है। इस बजट से इन गांवों से नहरों तक अंडरग्राउंड पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी।
पाइपलाइनों के जरिए खेतों का पानी नहरों में डाला जाएगा। इससे किसानों को राहत मिल जाएगी। जलभराव से फसलों का बचाव हो जाएगा। बार-बार जलभराव होने की वजह से जमीन की उर्वरा शक्ति भी कमजोर होती है। औसत पैदावार कम मिलने से किसानों को नुकसान होता है।
- इन गांवों को मिलेगी राहत
सिंचाई विभाग की परियोजना पर काम पूरा होने के बाद गांव नीमली, अख्तयारपुर, पांडवान, डोहकी, कंहेटी, लोहरवाड़ा, भागवी, छपार, बिगोवा, सरूपगढ़, बलाली, मकड़ानी, घसोला, कलियाणा व बीड़ भैरवी आदि शामिल हैं।
- मानसून से पहले काम पूरा करवाएगा विभाग
15 अप्रैल से इन गांवों में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। हालांकि, जुलाई माह तक मानसून सीजन से पहले यह प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद काफी कम है। वहीं, विभाग की योजना है कि मानसून सीजन से पहले यह काम पूरा कर लिया जाए।
वर्सन:
इस प्रोजेक्ट पर 15 अप्रैल से काम शुरू हो जाएगा। इन गांवों के खेतों से नहरों तक पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। बारिश के पानी की निकासी की जाएगी। किसानों का समस्या का स्थायी तौर पर समाधान हो जाएगा।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, चरखी दादरी सिंचाई विभाग