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जलभराव : एसडीएम की अपील ठुकरा फूंका सीएम का पुतला, 18 को बंद का एलान

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चरखी दादरी। शहर में जलभराव और बेपटरी सीवर व पेयजल व्यवस्था को लेकर शहरवासियों ने रविवार को बारिश की झड़ी में लाला लाजपतराय चौक पर तीन घंटे तक धरना दिया। सीएम का पुतला फूंकने की घोषणा को देखते हुए एसडीएम विरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुतला दहन न करने की अपील की, लेकिन लोगों ने इस अपील को न केवल नजरअंदाज किया, बल्कि एसडीएम को दो दिन में बाजार से पानी की निकासी न होने पर बुधवार को फिर प्रदर्शन कर सीएम का पुतला फूंकने की चेतावनी दी। जनआंदोलन समिति ने एलान किया कि आठ सूत्रीय मांगों को अगर सिरे नहीं चढ़ाया गया तो 18 अगस्त को पूरा शहर बंद रखकर चार जगहों पर मुख्यमंत्री के पुतले फूंके जाएंगे।
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ठप सीवरेज व्यवस्था और दूषित पेयजल आपूर्ति से शहर परेशान है। इसे लेकर शहर के गण्यमान्य लोगों की समिति ने जनआंदोलन शुरू करने का एलान किया। इसके बाद एक अगस्त को लाला लाजपतराय चौक पर सुबह दस से एक बजे तक धरना देने और फिर मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने की रणनीति तैयार की गई थी। इसी के मुताबिक सुबह दस बजे शहरवासी प्रदर्शन में भाग लेने के लिए लाला लाजपतराय चौक पर पहुंचे। साढ़े दस बजे बारिश की झड़ी शुरू हो गई और लोग छतरी लेकर वहीं डटे रहे। सर्वप्रथम जनआंदोलन अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता और संयोजक नितिन जांघू ने प्रदर्शन के एजेंडे की जानकारी दी और इसके बाद अगले कदम उठाने के लिए वहां मौजूद लोगों से रायशुमारी की गई।
दोपहर 12:40 पर एसडीएम विरेंद्र सिंह और डीएसपी बली सिंह प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। मंच से नीचे खड़े होकर ही एसडीएम ने मुख्यमंत्री का पुतला न फूंकने की अपील की। इसके बाद तो इसी मुद्दे पर लोगों में चर्चा शुरू हो गई और मंच से नीचे बैठे लोगों ने यह अपील न मानने की हूटिंग शुरू कर दी। जनआंदोलन अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता ने इस पर माइक संभालते हुए एलान किया अगर आठ सूत्रीय मांगें परवान नहीं चढ़ी तो 18 को पूरा शहर बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 18 को लाला लाजपतराय चौक, आंबेडकर चौक, परशुराम चौक और हीरा चौक में मुख्यमंत्री के पुतले फूंके जाएंगे। वहां मौजूद लोगों ने इस फैसले को तो सही बताया, लेकिन 18 दिन की समयावधि को लंबा बताया। इसके बाद अध्यक्ष ने एसडीएम को बाजार के पानी की निकासी करवाने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया और ऐसा न होने पर बुधवार को दोबारा इसी तर्ज पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
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एसडीएम ने माना : 30 फीसदी शहर में भरा है पानी
जनआंदोलन समिति से बातचीत करने पहुंचे एसडीएम विरेंद्र सिंह ने भी माना कि शहर के 30 प्रतिशत क्षेत्र में जलभराव है। सीवर लाइन ठप होने से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसके लिए योजना तैयार कर ली जाएगी। उपायुक्त इस संबंध में रात दस बजे तक अधिकारियों की लगातार बैठक ले रहे हैं।
एसडीएम साहब आप बताओ रेहड़ी नहीं लगाएंगे तो बच्चों को क्या खिलाएंगे
लाला लाजपतराय चौक पर रेहड़ी लगाने वाले एक शख्स ने एसडीएम से कहा कि बाजार की सड़कों पर जलभराव के चलते रेहड़ी तक खड़ी नहीं कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में कोई ग्राहक भी नहीं आएगा। उसने कहा कि अगर समस्या के समाधान में 18 दिन लगाए जाएंगे तो वे रेहड़ी नहीं लगा पाएंगे और ऐसी स्थिति में बच्चों को क्या खिलाएंगे, यह समझ से परे है।
खापों और जनसंगठनों के पदाधिकारी पहुंचे, 50 फीसदी निवर्तमान पार्षद रहे गैरहाजिर
सीवर और पेयजल समस्या का मुद्दा पूरे शहर का है। रविवार को हुए प्रदर्शन में भाग लेने के लिए फौगाट खाप समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी तो पहुंच गए, लेकिन 50 फीसदी से अधिक निवर्तमान पार्षद वहां नहीं पहुंचे। इस बात की चर्चा प्रदर्शनस्थल पर रही। रविवार को प्रदर्शन में निवर्तमान पार्षद रविंद्र गुप्ता, महेश गुप्ता, विनोद वाल्मीकि, कुलदीप गांधी, मनोज वर्मा, पूर्व वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, सतबीर व दीपक चौहान, एडवोकेट विक्रम श्योराण, पूर्व पार्षद प्रवीन सैनी समेत कांग्रेस नेता अजीत फौगाट, बलजीत फौगाट व लीला समसपुर आदि मौजूद रहे।
रातभर चला पानी निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम
प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन भी हरकत में आया और शनिवार रातभर पानी निकासी के लिए पाइपलाइन डालने का काम चला। प्रशासन ने पानी उठान के लिए रोहतक रोड पर पाइप लाइन बिछाई है। प्रशासन का प्रयास है कि सदर थाना के पीछे स्थित जोहड़ से पानी का उठान किया जाए, ताकि बाजार की सड़कों पर भरे बारिश की पानी की निकासी हो सके।
आठ सूत्रीय ये है मांगपत्र
1- सीवर व पेयजल व्यवस्था में सुधार का मास्टर प्लान प्रशासन सार्वजनिक करे।
2- दादरी जिले के लिए तीन दिन के अंदर सुपर शकर मशीन की खरीद की जाए।
3- शहर की ब्लॉकेज सीवर लाइनों को तुरंत प्रभाव से खुलवाया जाए।
4- वार्ड- 14 व 17 के सीवर पानी निकासी के लिए एसटीपी का निर्माण करवाया जाए।
5- शहर में सीवर मिक्स पेयजल आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
6- शहर के अंदर बने नालों के पानी की निकासी के लिए सीवर लाइनों से कनेक्शन किए जाएं।
7- रविदास नगर में भरा पानी सेक्टर की खाली जमीन पर तुरंत प्रभाव से निकाला जाए।
8- रोहतक रोड पर चंपापुरी में खुले नाले की बजाय सीवर पाइप लाइन डाली जाए।
बाजार के पानी की निकासी 48 घंटे में न होने पर बुधवार को दोबारा प्रदर्शन करेंगे। 17 जुलाई तक आठ मांगें अगर पूरी नहीं हुईं तो 18 को पूरा बाजार बंद रखा जाएगा। जनआंदोलन समिति समाधान न होने पर चंडीगढ़ में सीएम आवास पर प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
नितिन जांघू, जनआंदोलन समिति संयोजक
प्रशासन को इस समय लोगों के विरोध की नहीं, बल्कि सहयोग की जरुरत है। जलभराव और सीवर व्यवस्था में सुधार के लिए उपायुक्त लगातार अधिकारियों की बैठक ले रहे हैं। सीवर-पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
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विरेंद्र सिंह, एसडीएम
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