चरखी दादरी। रविवार को हुई बारिश के बाद शुक्रवार को छठे दिन बाजारों से जलस्तर कम हुआ लेकिन सड़कों पर दोपहर दो बजे तक लगभग एक से डेढ़ तक पानी भरा था। मुख्य बाजार और पुरानी सब्जी मंडी रोड से पानी का स्तर छह से लेकर आठ इंच तक कम हुआ तो वहीं पुराना दिल्ली रोड से पानी की निकासी ही हो गई। जलभराव से कुछ हद तक राहत मिलने पर शुक्रवार को 200 दुकानें खुली। वहीं, दूसरी ओर शहर के 12 पार्षद लामबंद होकर डीसी प्रीति से मिले और उन्हें व्यापारियों को जलभराव से हुए नुकसान की भरपाई के लिए ज्ञापन सौंपा।
बता दें कि वीरवार को शहर के व्यापारी रेस्ट हाउस में डीसी प्रीति और विधायक सोमबीर सांगवान से मिले थे। 6 मिनट की बैठक में डीसी और विधायक ने उन्हें 12 घंटे में जलभराव से राहत दिलाने का आश्वासन दिया था। प्रशासन के दावे मुताबिक साढ़े 22 इंची पाइपलाइन तो शुरू नहीं हो पाई, लेकिन जलभराव से व्यापारियों को राहत जरूर मिलने लगी है।
आंबेडकर चौक और सब्जी मंडी की तरफ से पानी का स्तर कम हुआ और कुछ दुकानें यहां खुल गईं। वहीं, पुराना दिल्ली रोड पर भी दुकानें खुली। दूसरी ओर पार्षद जयसिंह लांबा, मुनेश दहिया, नवीन प्रजापत, विनोद सिंहमार, नवीन बिंदल, मनोज वर्मा, सतबीर चौहान, सुधीर स्वामी, अजय सांगवान, बबीता देवी और मंजू देवी समेत 12 पार्षद डीसी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। डीसी को सौंपे ज्ञापन में पार्षदों ने कहा कि शहर में बाजार में जलभराव होने से कई दिन दुकानें बंद रही। इसके अलावा दुकानों के अंदर तक पानी पहुंचने पर सामान भी खराब हुआ है और इसकी एवज में व्यापारियों व दुकानदारों को आर्थिक सहायता जरूर मिलनी चाहिए।
- जनस्वास्थ्य विभाग के साथ डीसी ने करवाई बैठक
पार्षदों ने डीसी के समक्ष वार्डाें में बनी जलभराव की समस्याएं भी रखीं। इन पर संज्ञान लेकर डीसी ने जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन और एसडीओ को तलब कर अपने कार्यालय बुला लिया। डीसी की मध्यस्थता में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ पार्षदों की बैठक हुई और इसमें डीसी ने संबंधित विभाग को जल्द से जल्द शहर के सभी क्षेत्रों से पानी निकासी का आदेश दिया।
- सीसीआई परिसर में पानी न डालने की उठाई मांग
वार्ड-दो से पार्षद मुनेश दहिया ने डीसी को एक और ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया गया कि शहर से जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए विभाग पानी का उठान कर सीसीआई परिसर में डाल रहा है। इससे गांधी नगर, चंपापुरी और प्रेमनगर के बाशिंदे परेशान हैं। उन्होंने तुरंत प्रभाव से सीसीआई परिसर में पानी निकासी बंद करवाने की मांग की। वहीं, पार्षद मुनेश दहिया ने कहा कि पानी निकासी के लिए विभाग न केवल पूर्व विधायक राजदीप फौगाट से अनुमति ली, उनके अलावा वार्ड के किसी मौजिज व्यक्ति से पानी निकासी को लेकर मंथन नहीं किया गया।
पानी का स्तर अब कम हुआ है और शुक्रवार को करीब 200 दुकानें खुली। पानी निकासी कार्य में तेजी लाने की जरूरत है। वहीं, प्रशासन को व्यापारियों को हुए नुकसान की भरपाई की तरफ भी ध्यान देना चाहिए।
रविंद्र गुप्ता, संरक्षक, नगर व्यापार मंडल