संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। तीन दिन में पीछे हेड से पानी कम पहुंचने पर जिले की नहरों में पानी की मात्रा 250 क्यूसेक तक घट गई है। ऐसे में इस टर्म पर जलघरों के टैंक पानी से लबालब नहीं हो पाने के आसार बन गए हैं। इसके चलते जिलावासियों को फिर से पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
26 जून को नहरों में पानी छोड़ा गया था। शुरुआत में 1050 क्यूसेक पानी मिला था। इसके बाद अचानक पीछे हेड से कम होकर 400 क्यूसेक रह गया। इसके बाद लगातार तीन दिन तक नहर में पानी की मात्रा 400 क्यूसेक ही रही, जिससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को पानी की मात्रा बढ़ी है और इस समय 800 क्यूसेक पानी चल रहा है। सिंचाई विभाग अधिकारियों का तर्क है कि पीछे हेड से ही पानी कम आ रहा है। बारिश नहीं होने पर यमुना में ही पानी की कमी बनी हुई है। इस समय भी जिले को 250 क्यूसेक पानी कम मिल रहा है।
वहीं, गांव ढाणी फौगाट निवासी मुकेश जांगड़ा, टेकराम, चांद सिंह व सुरेंद्र ने बताया कि उनके गांव का जलघर खाली पड़ा है। उन्होंने बताया कि बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी से गांव का जलघर भरा जाता है। बधवाना नहर में मात्र तीन पानी छोड़ा गया।
बधवाना नहर से भरे जाते हैं 15 जलघर
ग्रामीणों का कहना है कि लोहारू नहर की तर्ज पर बधवाना नहर की पानी की टर्म भी 16 दिन की करनी चाहिए। इस नहर से से अधिक गांवों के जलघर भरे जाते हैं। मेन लोहरू कैनाल से 40 से ज्यादा जलघरों में पानी डाला जाता है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अब तक बारिश नहीं हुई है जिसकी वजह से पानी की खपत जस की तस बनी हुई है।
पीछे हेड से पानी कम मात्रा में मिला है। बुधवार को पानी की मात्रा बढ़ी है। इस समय 800 क्यूसिक पानी चल रहा है। शुरूआत में 1050 क्यूसिक पानी मिला था। जलघरों को भरने का प्रयास जारी है। - हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग