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Charkhi Dadri News: दूषित जल निकासी के प्रबंध नहीं, भूजल स्तर भी जा रहा नीचे

Sun, 08 Sep 2024 05:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चुनारी पेज मुद्दा:
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- झोझूकलां की 15 हजार की आबादी दोनों समस्याओं से परेशान, 10 साल में 30 से अधिक लिखित शिकायतें देने पर भी नहीं हुई सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/झोझूकलां। झोझूकलां खंड के अधीन 47 गांव आते हैं। जिले के बड़े गांवों में शुमार इस गांव की आबादी करीब 15 हजार है। वार्ड 20 हैं। इस गांव की सबसे बड़ी समस्या दूषित पानी की निकासी के प्रबंध न होना और गिरता भू-जल स्तर है। ग्रामीणों की मानें तो अधिकारियों से लेकर नेताओं तक शिकायत देने के बाद भी नतीजा सिफर है।
झोझूकलां में पिछले दस सालों से दूषित पानी निकासी की समस्या बनी हुई है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। गांव में दूषित जल निकासी के प्रबंध नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन जोन में भूमिगत जल का दोहन हो रहा है। इससे भूजल स्तर गिर रहा है। पंचायत सदस्य दस सालों कई बार नेताओं व अधिकारियों को इस संबंध में ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अभी किसी ने समस्या का समाधान नहीं कराया। चुनाव में ग्रामीण इन मुद्दों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दूषित पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे गांव में मुख्य सड़क के साथ अंदरूनी गलियों में पानी भरा रहता है। सालों से वे इस समस्या से परेशान हैं। समाधान के बजाय उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं। गांव में प्रवेश की पांच मुख्य सड़कों पर पानी भरा है। यहां से आवागमन में लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
वोट देने के बाद नहीं पूछते नेता
ग्रामीण राजेश, सुमित, मीर सिंह, हरिकिशन, राजेश और दीपक आदि का कहना है कि चुनाव के समय वोट मांगने नेता काफिले के साथ आते हैं, लेकिन, बाद में नेता तो दूर कार्यकर्ता भी हालचाल पूछने नहीं आते। गांव में एक बार सीवर लाइन डाली गई थी, लेकिन उसका लेवल न होने के कारण पानी की उचित निकासी नहीं हो पाई और लाइन अवरुद्ध होकर टूट गई। अब पूरी लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है।
- खेतों में जा रहा दूषित पानी
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दूषित पानी निकासी व्यवस्था न होने के कारण पानी अपना रास्ता स्वयं बनाता है। गांव में ढलान की ओर पानी बह जाता है। ढलान खेतों की तरफ है। गांव का दूषित पानी खेतों में जाने से किसान परेशान हैं। बारिश के दिनों में तो हालात और बुरे बन जाते हैं।
- माइनिंग क्षेत्र में पहाड़ के साथ धरती का सीना चीरने का आरोप
- ग्रामीणों ने बताया कि रामलवास-झोझू जोन में खनन की अति हो रही है। कंपनी 300 फीट गहराई तक खोदाई कर पत्थर निकाल रही हैं। इसके साथ ही पानी निकल रहा है। पानी को कंपनी मोटर के जरिये बाहर निकाल रही है। इससे गांव का जलस्तर 225 से 300 फीट नीचे पहुंच चुका है। ट्यूबवेल व कुएं का मीठा पानी भी अब सेवन लायक नहीं रहा।


स्टेडियम में घुसा दूषित पानी, खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित

कस्बा स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम की दीवार तोड़कर गांव के दूषित जल की निकासी की जारी है। स्टेडियम में गंदा पानी भरने से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। घूमने के लिए आ रहे ग्रामीण भी बदबू के कारण यहां खड़े नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में शनिवार को कुछ ग्रामीण पंचायत अधिकारी से मिले और समाधान की गुहार लगाई। ग्रामीण तरुण, विजय, अक्षित, रमेंद्र, ललित, तुषार, वरसली आदि ने बताया कि प्रतिदिन 100 लड़के व लड़कियां और ग्रामीण स्टेडियम आते हैं। स्टेडियम में बने हाॅल की छत भी बारिश में टपक रही है। अंदर भी अभ्यास करने में असमर्थ हैं।

ग्रामीण बोले : दोनों गांवों में बड़ी समस्याएं, अब तक समाधान नहीं
खेतों में जाने का रास्ता बिल्कुल खराब हो चुका है। सड़क पर पैर रखने तक की जगह नहीं है। पानी से किसानों की फसल भी खराब हो रही है। ग्रामीण परेशान हैं।
-रामफल, ग्रामीण
- ठप सीवर व्यवस्था से बस स्टैंड तक पहुंचने की राह आसान नहीं है। इस रास्ते पर दूषित पानी भरा रहता है। गांव में दूषित पानी की निकासी व गिरता भूजल स्तर बड़ी समस्या है।
-महासिंह, ग्रामीण
- गांव में सीवर व्यवस्था कई सालों से बिगड़ी हुई है। किसी भी जनप्रतिनिधि ने यहां आकर समाधान कराने की जहमत नहीं उठाई है। पिछले करीब एक दशक से ग्रामीण परेशान हैं।
-प्रदीप कुमार, ग्रामीण
- दूषित जल निकासी आज गांव की मुख्य समस्या बन चुकी है। अधिकारियों से बातचीत के बाद भी समाधान नहीं हुआ है। कई बार ग्रामीण नेताओं को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं।
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-बिट्टू, ग्रामीण
वर्सन:
पंचायत की ओर से एक साल पहले कलियाणा सीवर लाइन में गांव के सीवर का कनेक्शन करने का प्रस्ताव भेज चुके हैं, लेकिन अभी तक उस पर संज्ञान नहीं लिया गया है। दूषित जल निकासी का प्रबंध न होना गांव की मुख्य समस्या है।
-अशोक कुमार, सरपंच, झोझूकलां

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झोझूकलां स्टेडियम में भरा पानी दिखाते ग्रामीण। संवाद

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झोझूकलां बस स्टैंड रोड पर भरे पानी से गुजरते लोग। संवाद
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दूषित पानी निकासी की व्यवस्था न होने से खेतों में जाता दूषित पानी। संवाद
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रामफल
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महासिंह
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प्रदीप कुमार
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बिट्टू।
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