चरखी दादरी। सीसीआई परिसर में शहर की सीवर लाइनों के पानी की निकासी करने से गांधी नगर के लोग परेशान हैं। आलम ये है कि सीसीआई परिसर में निकाला गया पानी गांधी नगर के रिहायशी क्षेत्र के साथ कुछ मकानों के अंदर तक पहुंच गया है। हालांकि अभी भी सीसीआई परिसर में पानी निकासी जारी है। जिससे पानी ओवरफ्लो होकर घरों की तरफ बढ़ रहा है।
बुधवार को वार्डवासियों ने जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। वहीं, वार्ड-2 से पार्षद मुनेश दहिया का कहना है कि वो 10 दिन पहले डीसी प्रीति को इस संबंध में ज्ञापन सौंप चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर है। बता दें कि सीसीआई परिसर में पानी निकासी का मुद्दा सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष भी उठा था। इस पर संज्ञान लेकर उन्होंने तत्काल पानी निकासी बंद करने और सीसीआई में निकाला गया पानी यहां से दूसरी जगह निकालने का आदेश दिया था। इस पर एक माह तक अमल नहीं हुआ और बाद में पार्षदों ने लामबंद होकर कच्चा बांध बनवाकर सीसीआई परिसर में पानी निकासी को बंद कर दिया था। उस दौरान खूब हंगामा हुआ था, लेकिन पार्षद पानी रोकने में कामयाब रहे थे।
15 दिन पहले हुई बारिश से शहर में जलभराव हो गया था और पांच दिन बाद बाजार से पानी की निकासी हो पाई थी। उस दौरान प्रशासन ने पार्षदों द्वारा बनाए गए बांध को तोड़कर सीसीआई परिसर में पानी निकासी की थी। तब से लगातार सीसीआई परिसर में पानी निकाला जा रहा है। लगातार दस दिन तक पानी निकासी होने से सीसीआई परिसर के दूसरे छोर पर गांधी नगर की रिहायशी एरिया तक पानी पहुंच चुका है। लोग मोटर के जरिये घरों से इसकी निकासी कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि प्रशासन शहर के एक क्षेत्र को बचाने के लिए दूसरे क्षेत्र को डूबा रहा है। प्रशासन से सीसीआई परिसर में पानी निकासी न करने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अधिकारी कोई संज्ञान ही नहीं ले रहे हैं।
- दो से तीन दिन में डूब जाएंगी गलियां
गांधी नगर निवासी राजेश सोनी, आचार्य गौरव दीक्षित, उषा देवी, मीना देवी, कमला, कविता, मंजू, कोमल, कृष्णा, नीतू, रमन आदि ने बताया कि सोमवार शाम तक पानी गलियों से पांच फुट पीछे था, लेकिन बुधवार को गली को छू गया। उन्होंने बताया कि अगले दो दिन में वार्ड की कई गलियां पानी में डूबने का अंदेशा है और ऐसे में गांधी नगर की पांच हजार की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
- मकानों को पहुंच रहा नुकसान, एक युवक गंवा चुका जान
वार्डवासियों ने बताया कि सीसीआई परिसर के जरिये गांधी नगर पिछले दो साल से शहर की सीवर लाइनों का पानी झेल रहा है। इसके चलते गांधी नगर में 70 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जबकि नमी की समस्या भी बनी हुई है। इतना ही नहीं करीब पांच माह पहले एक युवक की गांधी नगर की रिहायशी बस्ती के समीप सीसीआई परिसर में भरे पानी में डूबने से जान भी जा चुकी है।
- पानी निकासी के लिए दो मोटरें, उठान की महज एक ही
पानी निकासी के लिए रोहतक फाटक के समीप दो मोटरें लगी हैं जो लगातार चलती हैं जबकि दूसरी ओर सीसीआई के दूसरे छोर पर पानी उठान के लिए एक ही मोटर लगी हुई है। दो दिन पहले आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक्सईएन शशिकांत भारद्वाज ने दो मोटरों के जरिये पानी निकासी शुरू करने का दावा किया था।
लोग बोले : गांधी नगर में बाढ़ के हालात बना रहा प्रशासन, जहरीले जीव भी निकल रहे
- सीसीआई परिसर के जरिये प्रशासन गांधी नगर को डूबा रहा है। रिहायशी बस्ती तक पहुंच चुके पानी में सांप और अन्य जहरीले जीव निकल रहे हैं। समस्या का समाधान कर प्रशासन को राहत देनी चाहिए।
चमनलाल शर्मा, वार्डवासी
- गांधी नगर के रिहायशी क्षेत्र की तरफ पानी लगातार बढ़ रहा है। कुछ गलियों के मुहानों तक पानी पहुंच गया है और उठान व निकासी की ये ही प्रक्रिया चली दो-तीन दिन के अंदर और मकानों के अंदर तक पानी पहुंच जाएगा।
राजेश सोनी, वार्डवासी
सीसीआई परिसर में पानी डालने के साथ दूसरे छोर से हम उठान भी कर रहे हैं। जल्द ही सीसीआई परिसर में पानी उठान की प्रक्रिया तेज की जाएगी और इसके लिए एक और मोटर लगाने की योजना है।
बीके जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
सीसीआई परिसर में दोबारा से पानी निकासी शुरू करने से वार्डवासी सहमत नहीं थे। पानी निकासी शुरू होने के बाद उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर निकासी बंद करने की मांग की गई, लेकिन हालात जस के तस है। गांधी नगर के रिहायशी क्षेत्र तक पानी पहुंचने से वार्डवासी परेशान हैं। पहले भी यहां जलभराव से एक हादसा हो चुका है।
-मुनेश देवी, पार्षद, वार्ड-2