चरखी दादरी। नगर के दिल्ली रोड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से ड्रेन आठ में पानी डाले जाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति काे पांच माह से इंतजार है। फरवरी माह में जनस्वास्थ्य विभाग ने यह लाइन बिछाने का काम पूरा कर दिया था। ड्रेन में पानी डालने पर ही शहर को सीवरेज की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है। विभाग ने 37.50 करोड़ के बजट से डेढ़ साल में 38 किलोमीटर लंबी सीवरेज पाइप लाइन बिछाई है। विभाग के लिए मौजूदा मानसून सीजन पार उतारना मुश्किल बना हुआ है। शहरवासी सीवरेज व बारिश के पानी की समस्या से परेशान आ चुके हैं।
शहर में दो एसटीपी हैं जिनके जरिये दूषित पानी की निकासी की जाती है। रामनगर-कपूरी के समीप बने एसटीपी में शहर के कुछ हिस्से का दूषित पानी जाता है। इसी प्रकार दिल्ली रोड स्थित एसटीपी में ज्यादा एरिया का पानी पहुंचता है। दोनों एसटीपी को अब कनेक्ट कर दिया गया है।
शहर के कपूरी-रामनगर एसटीपी को दिल्ली रोड स्थित एसटीपी से कनेक्ट किया गया है। कपूरी-रामनगर से दिल्ली रोड एसटीपी तक मेन लाइन बिछाई गई है। कपूरी एसटीपी के दूषित पानी को दिल्ली रोड एसटीपी तक पहुंचाया जाना है। दिल्ली रोड एसटीपी से यह दूषित पानी ड्रेन आठ छुछकवास में डाला जाना है। ड्रेन आठ तक सीवरेज पाइप लाइन बिछाने का कार्य विभाग ने फरवरी अंतिम सप्ताह में पूरा कर लिया था। इस मेन लाइन में बीच-बीच में गांवों में टी प्वाइंट भी बनाए हैं ताकि किसान सीवर के पानी से सिंचाई करते रहे। अब विभाग को पांच माह से ड्रेन आठ में पानी डाले जाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी का इंतजार है।
शहर के विभिन्न भागों में डैमेज पड़ी सीवरेज लाइनों को भी रिप्लेस करने की सख्त जरूरत है। 45 साल पुरानी लाइनें काम नहीं कर रही है जिससे शहर से सीवरेज के पानी की पूरी तरह से निकासी नहीं हो पा रही है। मेन लाइनें बैक मार रही हैं। इस समय शहर से बारिश व सीवरेज के पानी की निकासी कर सीसीआई की खाली पड़ी करीब 250 एकड़ जमीन में डाला जा रहा है जो अस्थायी समाधान है। विभाग के पास पानी डालने के लिए जगह नहीं है।
हाल ही में चरखी दादरी में तैनाती हुई है। जल्द ही फाइलों को अपडेट कर इस विषय में कदम उठाया जाएगा। इसकी स्टेटस रिपोर्ट ली जाएगी। विभाग शहर से पानी की निकासी करने में जुटा है। सीवरेज व्यवस्था सुधारने में और अधिक तेजी से काम किया जाएगा।
- शशीकांत, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग