चरखी दादरी। जिले में चार दिन से डीएपी खाद नहीं आ रही है। खाद आने की अभी अधिकारियों के पास भी कोई सूचना नहीं है। यूरिया खाद की इस समय उपलब्धता जरूर है। गेहूं का बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन डीएपी न होने के कारण कुछ किसानों को बिजाई करने में समय लग रहा है। गेहूं की बिजाई का 65 प्रतिशत कार्य किसानों ने पूरा कर लिया है।
इस बार गेहूं की बिजाई का आंकड़ा 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पहुंचने की उम्मीद है। कयास लगाए जा रहे थे कि मंगलवार को डीएपी खाद की खेप पहुंच सकती है, लेकिन वंचित किसानों को फिर से निराशा हाथ लगी है। इस बारे में विभाग के अधिकारियाें के पास भी कोई सूचना नहीं है। हालांकि, काफी हद तक किसान डीएपी खाद खरीद चुके हैं। अब थोड़ी संख्या में किसान बचे हैं। काफी संख्या में किसानों ने डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके व एसएसपी खाद का इस्तेमाल किया है। अब तक जिले में 3920 एमटी डीएपी खाद आई है। फिलहाल इस माह में डीएपी खाद की और जरूरत है। विभाग ने 12 हजार एमटी की मांग भेज रखी है। अब जल्द ही रैक लगने पर अगली खेप पहुंचने की उम्मीद है। किसान इस समय गेहूं की बिजाई के काम में जुटे हैं। सरसों की बिजाई का काम पूरा हो चुका है। 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई हो सकेगी उसके बाद 25 दिसंबर तक पछेती किस्मों की बिजाई हो सकेगी।
डीएपी खाद पहुंचने के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जैसे ही खाद पहुंचेगी किसानों कोे इसका वितरण कर दिया जाएगा। खाद की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
- कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग