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हंसावास खुर्द में एक सप्ताह से खराब पड़ा बोरिंग ट्यूबवेल, ग्रामीण अपने स्तर पर पानी का प्रबंध करने के लिए विवश
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। गांव हंसावास खुर्द में एक सप्ताह से बोरिंग ट्यूबवेल खराब है। इसके चलते पेयजल आपूर्ति ठप है। परिणामस्वरूप गांव में पेयजल संकट बना है। इससे ग्रामीण परेशानियों से दो-चार हो रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने 24 घंटे के अंदर समाधान न होने पर सड़क जाम करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि ग्रामीणों को पेयजल के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। वे अपने स्तर पर ही पानी का प्रबंध करने के लिए विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या से अवगत कराने के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। वहीं, गांव में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से घरों की टंकियां खाली पड़ी हैं। ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बाढड़ा-सतनाली सड़क को जाम कर देंगे।
दरअसल, गांव हंसावास खुर्द की ग्राम पंचायत को प्रदेश सरकार ने भंग कर चार साल पहले बाढड़ा में शामिल कर नगर पालिका का गठन किया था। यह विरोध के कारण वापस ले लिया गया। अब पिछले तीन साल से गांव के विकास व ग्राम पंचायत का कार्यभार प्रशासक के तौर पर बीडीपीओ कार्यालय के जिम्मे हैं। गांव की समस्या या नई सुविधा विस्तार के लिए कोई देखरेख करने वाला नहीं है।
- दो विभागों से की शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीण राजेश श्योराण, दिलबाग सिंह, महाबीर प्रजापत आदि ने बताया कि ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग व जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ को लिखित में शिकायत सौंप चुके हैं। इसके बाद भी अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं कराया है। मजबूरीवश ग्रामीण खेतों से सिर पर पानी ढोने के लिए विवश हैं या फिर उन्हें महंगे भाव में पानी का टैंकर खरीदना पड़ता है।
- ग्रामीण बोले : कड़े कदम उठाने से नहीं हटेंगे पीछे
सामाजिक कार्यकर्ता नंबरदार ईश्वर सिंह, यशपाल सिंह, भीमसिंह, कमलेश देवी, बीरमति, कमला आदि ग्रामीणों का आरोप है कि मामला संज्ञान में होते हुए भी विभाग नजरअंदाज कर रहा है। अधिकारियों का यही रवैया रहा तो वे कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
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बोरिंग ट्यूबवेल ठीक न करने पर रोष प्रकट करते हंसावास के ग्रामीण। संवाद