बाढड़ा। गांव आर्यनगर स्थित राजकीय हाईस्कूल के विलय के विरोध में ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर धरना दिया। ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने दो दिन में स्कूल का समाधान न होने पर छात्रों के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जिला उपायुक्त और डीडीपीओ को बताने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक राजू मान ने धरने पर बैठे ग्रामीणों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा खोखला है। आर्यनगर हाईस्कूल को पोर्टल से हटाने से इसकी पुष्टि हो गई है। किसान नेता राजू ने बताया कि सरकार ने रिकॉर्ड में 23 अगस्त 2022 को हाईस्कूल बंद कर दिया। उसके बाद एक सितंबर 2022 में नया स्टाफ भेजा गया और 2023 में कौशल रोजगार निगम के तहत दो अतिथि शिक्षक भेजे गए। इस दौरान जुलाई 2023 में पोर्टल से हाईस्कूल का नाम हटा दिया गया।
उन्होंने कहा कि 11 से 18 जुलाई के बीच नौवीं और दसवीं के छात्रों के नाम काटकर स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र (एसएलसी) जारी कर विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी। इससे ग्रामीणों में रोष है। इस स्कूल का नामकरण 2023 में शहीद हरि सिंह के नाम से हुआ था। इसलिए सरकार ने शहीद का भी मान नहीं रखा।
सरपंच संदीप कुमार ने कहा कि पोर्टल पर स्कूल बंद होने के बावजूद पिछले दो साल से नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों की परीक्षा ली गई। उन्होंने कहा कि इस धोखे से ग्रामीणों में आक्रोश है। अगर सरकार ने स्कूल का दर्जा बहाल नहीं किया तो लघु सचिवालय पर धरना दिया जाएगा। धरनास्थल पर पूर्व सरपंच संत कुमार, होशियार सिंह, मास्टर सज्जन सिंह, सुरेंद्र सिंह, अजीत सिंह, लक्ष्मीनारायण, धर्म सिंह, ओमप्रकाश, नरेंद्र सिंह, आनंद शर्मा आदि ग्रामीण मौजूद रहे।