बाढड़ा। गांव कारीमोद में मुश्तरका मालकान की कब्जा मुक्त जमीन को पट्टे पर देने के लिए प्रशासन द्वारा 22 सितंबर को बोली लगवाई जाएगी। इसे लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। बोली के विरोध में गांव के बस स्टैंड पर ग्रामीणों ने लगातार तीसरे दिन भी धरना देकर रोष जताया। धरने की अध्यक्षता नवीन ने की।
नवीन ने कहा कि ग्रामीण आर-पार के मूड में हैं और अगर कोई भी अनहोनी होती है इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। उन्होंने कहा कि शामलात मुश्तरका की जमीन किसानों को वापस मिलनी चाहिए। किसान नेता महेंद्र जेवली ने कहा कि बेशकीमती भूमि को किसानों से छीना जा रहा है। यह भूमि गांव की है और इस पर किसी सरकारी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने 22 सिंतबर को इस जमीन को पट्टे पर देने की जो योजना बनाई है उसे लेकर लोगों में रोष बना हुआ है। इस मौके पर संदीप श्योराण, सुजीत, वेद कुमार, चंद्र सिंह, नरेश, बिल्लू, आनंद कुमार, पप्पू, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।