बाढड़ा। चार हजार की आबादी वाले डूडीवाला किशनपुरा गांव में ग्रामीण मूलभूत समस्याओं की कमी झेल रहे हैं। गांव का पंचायत घर, आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य केंद्र भवन लंबे समय से कंडम है जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ग्रामीणों को आठ से दस किलोमीटर की भागदौड़ करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर विभाग व प्रशासन को कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीण संजय श्योराण, सुनील जांगड़ा, राजेश, राजकुमार, राजल, सुनील व चंदरू आदि ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर बना हुआ है। इतना ही नहीं गांव में युवाओं के लिए खेल मैदान भी नहीं है। वहीं, गांव की फिरनी लंबे समय से जर्जर है जिससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की सफाई नहीं हुई है जबकि श्मशान घाट की चाहरदीवारी की भी दरकार है। गांव में दूषित पानी की निकासी के उचित प्रबंध न होना ग्रामीणों की समस्याओं को और बढ़ा रहा है। विभागीय और प्रशासनिक नजरअंदाजी से ग्रामीणों में रोष है। वहीं, सरपंच रूपा देवी का कहना है कि समस्याओं का जल्द ही प्रशासन व विभाग से समाधान करवाया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत जल्द प्रयास शुरू करेगी।
ग्रामीण बोले : हर रोज झेल रहे दिक्कतें, सरकार ले सुध
ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं जिससे ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस बारे में विधायक व प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत कराया है।अब तक समाधान नहीं हुआ है।
-सुनील जांगड़ा, ग्रामीण
- स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण ग्रामीणों को असुविधा हो रही है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आठ से दस किलोमीटर दूर जाना पड़ता है या किसी प्राइवेट चिकित्सक की सहायता लेनी पड़ती है जो काफी महंगी पड़ती है।
-राजकुमार, ग्रामीण