चकबंदी में अनियमितता बरतने पर रोष प्रकट करते हुए खोरड़ा के ग्रामीण।
बाढड़ा। गांव खोरड़ा के ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने चकबंदी में त्रुटियां बरतने व भूमालिकों को रिकाॅर्ड कंप्यूटरीकृत किए बिना ही राजस्व कार्यालय में अपील करने के लिए मजबूर करने पर रोष जताया है। ग्रामीणों ने इस मामले में उपायुक्त से मिलने और फिर भी समाधान न होने पर सीएम कार्यालय और कोर्ट का रुख करने की चेतावनी दी है।
नंबरदार कुरड़ाराम, रामअवतार, रूपचंद, सुरेश, प्रविन, रतन सिंह, सुमेर, भगवान, ओमप्रकाश, चंदन सिंह व प्रवीण ने बताया कि गांव की चकबंदी में कर्मचारियों की ओर से लापरवाही बरती गई है। जमीन के रिकाॅर्ड में खामियां बरती गई हैं। अब किसानों को राजस्व न्यायालय में अपील करने की नसीहत दी जा रही है। इसके लिए किसानों को 50 किलोमीटर दूर दादरी जाना पड़ेगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि चकबंदी में मालिकों के नाम या आकार में कमी दर्शाई गई है। पैमाइश में चकबंदी के नियमों की अनदेखी की गई है। एक से दूसरे गांव को जोड़ने वाले रास्तों की पैमाइश में गलती की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि इस बारे में राज्य सभा सदस्य किरण चौधरी ने भी दो बार चरखी दादरी उपायुक्त को गांव का दौरा कर इन समस्याओं का समाधान करने का आदेश दिया था।
गांव में हैं 10 वार्ड
बाढड़ा उपमंडल के खोरड़ा गांव में 10 वार्ड हैं। गांव की आबादी 3800 से अधिक है। 1900 मतदाता हैं। गांव में चकबंदी की समस्या काफी पुरानी है। ग्रामीण विभिन्न मंचों पर अपनी समस्या रखकर समाधान की गुहार लगा चुके हैं।