समसपुर एसटीपी विवाद चौथे दिन भी नहीं सुलझ सका। ग्रामीणों ने सोमवार को भी एसटीपी की मोटरें नहीं चलाने दीं। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन बिजेंद्र हुड्डा ने मौके पर पहुंचकर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं हुए। एक्सईएन के मौका देखने के बाद ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और एसडीएम संदीप अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने अगले 48 घंटे में समस्या का स्थायी समाधान न होने पर जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय को ताला जड़ने की चेतावनी दी है। वहीं, एसटीपी पर ग्रामीणों का धरना चौथे भी जारी रहा। एसडीएम ने ग्रामीणों को समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
इधर, खेतों में बनी जलभराव की स्थिति का निरीक्षण करने सोमवार सुबह जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन समसपुर एसटीपी पर पहुंचे। एक्सईएन ने मौका देखा और ग्रामीणों का आश्वस्त करते हुए कहा कि टैंकों के बांध को जल्द दुरुस्त करवा दिया जाएगा। इसके बाद एसटीपी का पानी टैंकों से ओवरफ्लो होकर खेतों तक नहीं पहुंचेगा। एक्सईएन करीब आधा घंटे तक एसटीपी पर रुके और इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत भी की। ग्रामीण उनके आश्वासन से संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया। एक्सईएन के वहां से जाने के बाद ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और एसडीएम संदीप अग्रवाल से मुलाकात की। ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की गुहार लगाई और अगले दो दिनों में समस्या का समाधान न होने पर जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय को ताला लगाने की चेतावनी भी दी।
ज्ञापन में किसानों का आरोप है कि अधिकारियों को बार-बार समस्या से अवगत कराने के बाद भी समाधान की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। विभाग ने समस्या का समाधान करने की बजाय किसानों के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है, जो सरासर गलत है। सोमवार को भी समसपुर एसटीपी पर ग्रामीणों का धरना जारी रहा। वहीं, एसटीपी टैंकों से पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में पहुंचने अभी भी जारी है।
चार दिन बाद समाधान के प्रयास नहीं किए शुरू
किसानों का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने धरने के चार दिन बीत जाने पर भी समस्या के समाधान के लिए प्रयास शुरू नहीं किए हैं। संजय, अतर सिंह, रणधीर, धर्मबीर, भगत सिंह, सचिन, देवीलाल, रामकिशन और पूर्व सरपंच सुरेंद्र ने कहा कि 48 घंटों में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय को ताला लगाने को मजबूर होंगे।
एक्सईएन से बोले ग्रामीण: आपका जेई फोन तक नहीं उठाता
खेतों में बनी जलभराव की स्थिति का निरीक्षण करने सोमवार सुबह जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एसटीपी पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे किसानों से बात की और समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। किसानों ने एक्सईएन को बताया कि विभाग के जेई मनोज रोहिला से समस्या के समाधान की उम्मीद तो दूर की बात है, वो तो फोन तक नहीं उठाते। किसानों ने कहा जब तक जेई के खिलाफ कार्रवाई और समस्या का समाधान नहीं होगा वो धरने पर डटे रहेंगे और मोटरें नहीं चलाने देंगे।
यह है एसटीपी विवाद
समसपुर एसटीपी विवाद चार दिन बाद भी नहीं सुलझ पाया। शनिवार को जनस्वास्थ्य विभाग के जेई ने एसटीपी की मोटर न चलाने देने पर किसानों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। वहीं, ग्राम पंचायत और किसानों की तरफ से अब जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ सदर थाने में शिकयत दी गई है। खेतों में बनी जलभराव की स्थिति के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने बार-बार समस्या से अवगत कराने के बाद भी समस्या के समाधान की तरफ ध्यान ही नहीं दिया। किसानों का कहना है कि हाल ही में 35 एकड़ फसल की बिजाई की गई थी, जो दूषित पानी के चलते बर्बाद हो गई। इसके चलते किसानों ने भी जनस्वास्थ्य विभाग के जेई के खिलाफ सदर थाने में शिकायत दी थी। शुक्रवार से गांव समसपुर व ढाणी के किसान एसटीपी के गेट पर धरना दे रहे हैैं।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन बिजेंद्र हुड्डा ने कहा कि समसपुर एसटीपी का मैंने सोमवार को निरीक्षण कर लिया है। मिट्टी का ऊंचा बांध बनवाकर एक-दो दिन में समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। यही आश्वासन मैंने किसानों को दिया है। इधर, एसडीएम, दादरी संदीप अग्रवाल ने कहा कि गांव समसपुर व ढाणी केेे किसानों ने मुझे ज्ञापन सौंपा है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात कर जल्द ही किसानों की समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।