चरखी दादरी। सब्जियों के दाम में अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने लोगों के रसोईघर का बजट बिगाड़ दिया है। महंगाई का आलम ये है कि प्याज लोगों के आंसू निकाल रहे हैं, जबकि आलू खरीदने में लोगों का मुंह फूल रहा है। एक सप्ताह में इनके दाम दोगुना हो गए हैं। इस समय आलू का भाव 40 रुपये और प्याज का भाव 50 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंचा हुआ है। पहले जहां लोग दोनों सब्जी पांच-पांच किलोग्राम एकसाथ खरीदते थे तो वहीं अब वे दो-दो किलोग्राम ही खरीद रहे हैं।
गर्मी के साथ ही सब्जियों के दामों में भी भारी बढ़ोतरी देखने का मिल रही है। इसके कारण रसोई बजट डगमगाया हुआ है। एक सप्ताह के दौरान सभी सब्जियों के दामों में दोगुने हो गए हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि गर्मी के चलते सब्जियों के पौधे व बेल सूखने से पूर्ति कम है और इसके चलते दाम बढ़ रहे हैं। सब्जी विक्रेता कर्ण सिंह, रिंकू, अशोक कुमार, प्रदीप, रामकिशन आदि ने बताया कि बाहर से आनी वालीं सभी सब्जियां हमें काफी महंगी मिल रही हैं। इसके कारण यहां खरीदारी के लिए आने ग्राहकों को महंगी बेचनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि बारिश आने के एक सप्ताह बाद सब्जियों के दामों में गिरावट आने की संभावना है।
वहीं, महिलाओं का कहना है कि पहले सब्जी के बजट से ही कुछ पैसे बचाकर अन्य घरेलू जरूरतें पूरी हो जाती थीं लेकिन अब बढ़ते दामों ने सारी बचत को बराबर कर दिया है।
सब्जी के दाम
सब्जी एक सप्ताह पहले सोमवार
टिंडा 40 65
खीरा 30 45
करेला 30 60
अरबी 40 60
घीया 30 70
प्याज 25 50
आलू 20 40
टमाटर 30 70
परवल 30 60
तुरई 25 50
भिंडी 30 60
(नोट: सभी सब्जियों के भाव प्रति किलोग्राम में है।)
महिलाएं बाेलीं- पसंद छोड़कर खरीदनी पड़ रही कम दाम की सब्जी
पहले घर में ज्यादातर पसंदीदा सब्जी बनती थी, लेकिन अब लगातार दाम बढ़ रहे हैं। ऐसे में अब जो सब्जी सस्ती है वो खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। पहले की तरह अब इकट्ठी सब्जी नहीं खरीद पा रहे हैं। - नीलम देवी, गृहिणी
पहले सब्जियों के बजट में से बचत हो जाती थी, लेकिन अब उस निर्धारित बजट में भी काम नहीं चल रहा। सब्जी देखकर खरीदनी पड़ रही है। सब्जियां महंगी होने का असर रसोईघर के बजट और थाली के जायके पर पड़ा है। - अनीता अरोड़ा, गृहिणी
लगातार बढ़ते सब्जियों के दाम ने रसोई का बजट ही बिगाड़ दिया है। सब्जी खरीदते समय कई बार सोचना पड़ता है कि क्या लें और क्या न लें। आलू और प्याज के दाम ही आसमान छू रहे हैं और इससे लोग परेशान हैं। - रेणु डावरा, गृहिणी
- सब्जियों के दाम बढ़ने से परेशानियां हो रही हैं। महिलाएं रसोई के बजट में ही बचत कर अन्य जरूरतें पूरा करती थीं जबकि अब निर्धारित बजट में भी वो परिवार की पसंदीदा सब्जी नहीं खरीद पा रहीं। - रेखा मदान, गृहिणी