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बाजरा खरीद से वंचित रहे किसानों का सत्यापन कार्य शुरू

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बाजरे की ढेरी में मुंह मारते पशु। - फोटो : CharkhiDadri
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मार्केट कमेटी ने प्रशासन एवं सरकार के निर्देश पर बाजरा की खरीद करने से वंचित रहे किसानों के सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया है। गांव स्तर पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। करीब चार हजार किसानों की बाजरे की खरीद नहीं हो सकी है। सरकार ने एक अक्तूबर से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू की थी जो लगातार जारी रही। अब तीन दिनों से बाजरे की सरकारी खरीद बंद है। बाजरा सरकारी खरीद के लिए जिले में 28 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया था। अब तक 23 हजार 600 से ज्यादा किसानों का बाजरा खरीदा जा चुका है लेकिन अब सरकार ने इन वंचित रहे किसानों का सत्यापन करवाने का निर्णय लिया है। उसके बाद 21 से 27 नवंबर तक सरकारी खरीद फिर शुरू की जाएगी। इसके लिए सत्यापन का कार्य गांव स्तर पर शुरू कर दिया गया है। गांव वाइज पंजीकृत किसानों की सूची तैयार की गई है। गांवों में जाकर किसानों से संपर्क किया जा रहा है। इस दौरान किसान से बिक्री योग्य बाजरा की मात्रा के बारे में जानकारी ली जा रही है। मार्केट कमेटी सचिव सुरेश खोखर का कहना है कि सत्यापन के लिए टीमें बना रखी हैं। जो गांवों में जाकर यह काम पूरा करने में जुटी हैं। 21 नवंबर से बाजरा की सरकारी खरीद का कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा। यह खरीद 27 नवंबर तक की जाएगी। बाजरा का सरकारी रेट 2150 रुपये प्रति क्विंटल है। अन्नदाता किसान यूनियन जिला अध्यक्ष रामकुमार टिकान का कहना है कि किसानों का बाजरा का एक-एक दाना खरीदा जाना चाहिए। पंजीकृत प्रत्येक किसान का बाजरा और कपास सरकार को खरीदनी चाहिए। खरीद के बाद पेमेंट का भुगतान समय पर होना चाहिए। इस समय रबी की फसलों की बिजाई का काम जारी है ऐसे में खाद व बीज आदि खरीदने के लिए किसानों को पैसे की सख्त जरूरत है।
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