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Charkhi Dadri News: वैक्सीन को मिला सुरक्षा कवच

Mon, 23 Mar 2026 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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जिला वैक्सीन स्टोर में लगाए टेंपरेचर लॉगर की जांच करते डॉ. आशीष मान।  - फोटो : 1
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चरखी दादरी। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली जीवनरक्षक वैक्सीन की सुरक्षा के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने तकनीक का सहारा लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने नागरिक अस्पताल स्थित जिला वैक्सीन स्टोर के अलावा जिले के सभी 16 कोल्ड चेन प्वाइंट्स पर अत्याधुनिक टेंपरेचर लॉगर (तापमान निगरानी प्रणाली) लगवाए हैं जिससे किसी भी आइसलाइन रेफ्रिजरेटर (आईएलआर) या डीप फ्रीजर का तापमान निर्धारित से कम या अधिक होने पर तुरंत संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी के मोबाइल फोन पर अलर्ट पहुंच जाएगा।
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जिले में मौजूदा समय में एक जिला वैक्सीन स्टोर और 16 कोल्ड चेन प्वाइंट हैं। इनमें एक एमसीएच यूनिट, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। प्रत्येक कोल्ड चेन प्वाइंट पर एक आईएलआर और एक डीप फ्रीजर है। जिला वैक्सीन स्टोर में सात आईएलआर और चार डीप फ्रीजर हैं।
आईएलआर में दो से आठ डिग्री तक रहता है तापमान
किसी भी टीकाकरण अभियान की सफलता पूरी तरह से कोल्ड चेन की मजबूती पर टिकी होती है। डॉ. आशीष मान ने बताया कि आईएलआर और डीप फ्रीजर में वैक्सीन को एक निश्चित तापमान पर रखना जरूरी होता है। आईएलआर में तापमान दो से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाता है जबकि डीप फ्रीजर में इसे माइनस 15 से माइनस 25 डिग्री सेल्सियस तक बनाए रखना होता है। किसी कारणवश तापमान इस सीमा से ऊपर या नीचे जाता है तो टेंपरेचर लोगर सिस्टम सक्रिय हो जाएगा और संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के इंचार्ज के मोबाइल फोन पर तुरंत नोटिफिकेशन भेज देगा।
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तीन स्तरीय निगरानी प्रक्रिया विशेषता
टेंपरेचर लॉगर तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी तीन-स्तरीय निगरानी प्रक्रिया है। किसी केंद्र में आईएलआर या डीप फ्रीजर का तापमान गड़बड़ाता है तो संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को मोबाइल फोन पर नोटिफिकेशन मिलेगा। उनके द्वारा समय रहते उचित कदम नहीं उठाया जाता है तो इसकी सूचना जिला टीकाकरण अधिकारी के मोबाइल पर पहुंच जाएगी। इससे न केवल वैक्सीन की बर्बादी रुकेगी बल्कि कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
उपलब्ध रहती हैं 10 प्रकार की वैक्सीन
जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास बच्चों को 14 घातक बीमारियों से बचाने के लिए 10 प्रकार की वैक्सीन हर समय उपलब्ध रहती हैं। इनके अलावा समय-समय पर चलने वाले विशेष अभियानों को लेकर भी वैक्सीन का स्टॉक मंगवाया जाता है।

विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चे या व्यक्ति को लगने वाली वैक्सीन पूरी तरह से प्रभावी हो। वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए तापमान का सटीक होना अनिवार्य है। टेंपरेचर लॉगर तकनीक से हमें रीयल-टाइम जानकारी मिल रही है। डॉ. आशीष मान, जिला टीकाकरण अधिकारी, दादरी।
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