शुक्रवार तक जिले में यूरिया खाद की खेप पहुंचने की उम्मीद, इस समय जिले को 20 हजार बैग की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। विभाग ने यूरिया खाद के 5000 बैग झज्जर व 2000 हिसार से मंगवाए हैं। शुक्रवार तक खाद पहुंचते ही इनका वितरण किया जाएगा। इस समय यूरिया की ज्यादा जरूरत बनी हुई है। गत शनिवार को 16 हजार बैग आए थे, जिनका वितरण हो चुका है। इस समय करीब 20 हजार बैग की और जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि झज्जर व हिसार से खाद मंगवाई जा रही है।
किसानों का कहना है कि जिले में यूरिया न मिलने की वजह से दूसरे जिलों से लेकर आना पड़ रहा है। इससे पैसा ज्यादा खर्च हो रहा है और परेशानी अलग से झेलनी पड़ रही है। सरकार को इस समय पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध करवानी चाहिए।
वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसान तरल रूप में नैनो यूरिया का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सस्ता भी है और उतना ही कारगर भी है। किसान को रासायनिक खादों का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। प्राकृतिक खेती की तरफ ध्यान देना चाहिए। प्राकृतिक खेती से जमीन की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है। जबकि रासायनिक खादों से उपजाऊ शक्ति कमजोर हो रही है।
- 45 किलोग्राम के बैग की कीमत है 266 रुपये
विभाग गांवों में पैक्स समितियों के माध्यम से यूरिया का वितरण करता है। शहर में जमीदारा सोसायटी व इफको केंद्र की ओर से खाद का वितरण किया जाता है। यूरिया के 45 किलोग्राम वजन के एक बैग की कीमत 266 रुपये है।
वर्सन:
झज्जर से 5000 व हिसार से 2000 बैग मंगवाए जा रहे हैं। वीरवार को बैग पहुंच जाएंगे। आते ही इनका वितरण कर दिया जाएगा। यूरिया की कमी नहीं है। दिसंबर माह में यूरिया की पूर्ति हो जाएगी। किसान फसल में यूरिया का कम से कम छिड़काव करें।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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शहर स्थित जमीदारा सोसायटी कार्यालय। संवाद