चरखी दादरी। जिले में प्रकृति की दोहरी मार ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। गत रविवार अलसुबह से शुरू हुआ बेमौसमी बारिश का सिलसिला रूक-रूक कर वीरवार देर शाम तक जारी रहा। पांच दिनों के अंदर तीन बार हुई वर्षा और साथ में चली तेज हवाओं के कारण रबी की मुख्य फसलें गेहूं और सरसों को नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार इस मौसम से गेहूं की फसल में 10 से 15 प्रतिशत तक और सरसों की फसल में 5 से 7 प्रतिशत तक नुकसान की संभावना है।
जिले के खेतों में इस समय गेहूं की फसल पकने की ओर अग्रसर थी लेकिन अधिकांश जगहों पर तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने फसल को जमीन पर बिछा दिया है। सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हुआ है जिन्होंने हाल ही में गेहूं की अंतिम सिंचाई की थी। पानी से भरी जमीन और ऊपर से चली तेज हवाओं के कारण खड़ी फसल गिर गई। कृषि जानकारों का कहना है कि गिरी हुई फसल में गेहूं का दाना पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता जिससे उत्पादन कम होने के साथ-साथ गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। वहीं मौसम साफ होने और धूप निकलने के बाद सरसों की फलियां फटने का डर किसानों को सता रहा है जिससे दाना झड़ने की संभावना है।
1.60 लाख एकड़ में सरसों तो 1.50 लाख एकड़ में है गेहूं की बिजाई
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के अनुसार इस बार जिले के किसानों ने सरसों और गेहूं की अच्छी खासी जमीन पर बिजाई की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार जिले में करीब 1.60 लाख एकड़ जमीन पर सरसों की खेती की गई है। वहीं करीब डेढ़ लाख एकड़ जमीन पर गेहूं की खेती की गई है। इतने क्षेत्र में सरसों और गेहूं की खेती होने से जिले में अच्छे खासे उत्पादन की उम्मीद लगाई जा रही थी लेकिन बेमौसमी बारिश के कारण उत्पादन कम हो सकता है।
क्या कहते हैं किसान ...
इस बेमौसमी बारिश के कारण फसलें प्रभावित हुई हैं जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल पकाई के अंतिम दौर में है लेकिन बारिश के कारण पौधे जमीन पर बिछ गए जिससे दाने सही प्रकार से विकसित नहीं होंगे।-शीशराम धनखड़, किसान
बारिश से सरसों और गेहूं, दोनों ही फसलें प्रभावित हुई हैं। सरसों की फसल पक चुकी है और कई किसान कटाई कर रहे हैं लेकिन अब जब भी मौसम खुलेगा और धूप खिलते ही सरसों की फलियां फूटने लगेंगी जिससे दाने जमीन में बिखर जाएंगे। यह भी किसानों के लिए नुकसान का कारण बनेगा। -कमल सिंह, किसान
वर्सन :
पिछले पांच दिनों के दौरान हुई वर्षा के कारण गेहूं की फसल में 10 से 15 प्रतिशत और सरसों की फसल में 5 से 7 प्रतिशत तक नुकसान की संभावना है।
डॉ. चंद्रभान श्योराण, कृषि विषय विशेषज्ञ, दादरी।
गांव बेरला में तेज हवा व वर्षा के कारण बिछी फसलें। - फोटो : 1