फायरिंग की सूचना मिलने के बाद कोर्ट परिसर पहुंची सीआईए।
चरखी दादरी। आपात स्थिति के दौरान कोर्ट परिसर और जिला में तैनात पुलिस कर्मचारियों की मुस्तैदी जांचने के लिए शुक्रवार को कोर्ट परिसर में मॉक ड्रिल की गई। एसपी नितिका गहलोत के अलावा चुनिंदा पुलिस अधिकारियों को ही इसकी जानकारी थी जबकि अन्य पुलिस कर्मचारी इससे अनजान थे। इसके तहत कोर्ट परिसर पहुंचकर दो युवकों ने फायर किया, लेकिन जिला पुलिस ने सीलिंग प्लान-ए लागू कर दोनों को दबोच लिया।
पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि मॉक ड्रिल जिला मुख्यालय डीएसपी अशोक कुमार के नेतृत्व में की गई। अदालत परिसर में घुसकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की घटनाओं के चलते उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ये पूर्वाभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल की विस्तार से जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया पांच जनवरी को कंट्रोल रूम में सूचना प्राप्त हुई कि कोर्ट परिसर में दो युवकों ने फायरिंग कर दी है। सूचना मिलते ही सिटी एसएचओ, ईआरवी, एंबुलेंस, दमकल विभाग और सीआईए टीम मौके पर पहुंची और कोर्ट परिसर में सर्च अभियान चलाया। वहीं, सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए शहर में सीलिंग प्लान ए लागू किया गया और पुलिस टीमों ने शहर के चारों तरफ विशेष नाकाबंदी की। कुछ ही देर में पुलिस टीमों ने फायरिंग करने वाले दोनों युवकों का काबू कर लिया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य तैयारियां परखना
उप पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बतलाया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति के दौरान पुलिस कर्मचारियों का रिएक्शन क्या रहेगा, इसका पता लगाना रहा। इस तरह की मॉक ड्रिल से पुलिस कर्मचारियों का मनोबल और अन्य विभागों के साथ तालमेल बढ़ता है।