चरखी दादरी। शहर में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग दो नए बूस्टिंग स्टेशन बनवाएगा। राहत की बात ये है कि नगर परिषद ने इसके लिए जगह चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जल्द ही जगह संबंधी ब्योरा जनस्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा और इसके बाद टेंडर प्रक्रिया के लिए अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दोनों नए बूस्टिंग स्टेशन से शहर की दस कॉलोनियों को जोड़ा जाएगा।
दरअसल, बूस्टिंग स्टेशन निर्माण योजना 115 करोड़ की परियोजना का हिस्सा है। इस समय शहर में आठ बूस्टिंग स्टेशन हैं। आबादी के लिहाज से यह संख्या कम है और इसके चलते पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। शहरवासियों की पेयजल संबंधी समस्या को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने दो नए बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण की योजना तैयार की है। इस जल्द ही धरातल पर अमलीजामा पहनाया जाएगा।
चार दिन पहले हुई नगर परिषद की बैठक में पार्षदों के समक्ष यह एजेंडा रखा गया था। इस पर सहमति बन गई और नगर परिषद की ओर से प्रस्ताव भी पास किया गया। प्रधान बक्शीराम सैनी ने बताया कि एक बूस्टिंग स्टेशन दमकल विभाग के नए कार्यालय के पास बनाया जाएगा जबकि दूसरा बूस्टिंग स्टेशन वार्ड-17 में बनाने की योजना है। एक बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण एक एकड़ जमीन पर जबकि दूसरे का करीब 400 गज जमीन पर कराया जाएगा। नगर परिषद ने जगह चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब चयनित जगह की जानकारी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी जाएगी।
- इन कॉलोनियों को जोड़ा जाएगा नए बूस्टिंग स्टेशन से
विभाग की योजना अनुसार दमकल विभाग कार्यालय के बाहर बनने वाले बूस्टिंग स्टेशन से लोहारु रोड एक्सटेंशन, घिकाड़ा रोड,वार्ड-19 व 20 की कॉलोनी जोड़ी जाएगी। इसी प्रकार वार्ड-17 में बनने वाले बूस्टिंग स्टेशन से सिविल अस्पताल के बैक साइड रोड, लोहारू रोड, दयानंद कॉलोनी समेत करीब पांच कॉलोनियां जोड़ी जाएंगी।
- आठ हजार की आबादी को मिलेगा नए बूस्टिंग स्टेशन का लाभ
वैसे तो नए बूस्टिंग स्टेशन बनने का लाभ शहर के एक लाख लोगों को मिलेगा, लेकिन नए बूस्टिंग स्टेशन से जुड़ने वाली दस कॉलोनियों के करीब आठ हजार लोग इससे ज्यादा लाभान्वित होंगे। इन कॉलोनियों में लो-प्रेशर और अनियमित पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान होगा।
- ये है 115 करोड़ की परियोजना
जनस्वास्थ्य विभाग ने जिले की पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए करीब 115 करोड़ की परियोजना तैयार की है। इसके अनुसार शहर में पेयजल की नई लाइनें बिछाई जानी हैं। वहीं, पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए नए टैंक का निर्माण होना है। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति को बेहतर करने के लिए दो नए बूस्टिंग स्टेशन भी बनने हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग ने दो नए बूस्टिंग स्टेशन बनाने के लिए जगह मांगी थी। पार्षदों के सहमति जताने के बाद जगह चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसकी जानकारी अब जनस्वास्थ्य विभाग को दी जाएगी ताकि आगामी प्रक्रिया पूरी की जा सके। यह प्रोजेक्ट 115 करोड़ की पेयजल परियोजना का हिस्सा है।
-बक्शीराम सैनी, प्रधान, नगर परिषद