चरखी दादरी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शुक्रवार को ऑनलाइन विज्ञापन और नकली पुलिस अधिकारी बनकर 4.05 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अतुल (सोनीपत के कबीरपुर वार्ड-13) और रोनिक नंदा (गांव खरक कलां) का रहना वाला है। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 को गांव नौसवा निवासी आनंद कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 15 अक्तूबर 2025 को उसने अपने मोबाइल पर फेसबुक चलाते समय एक आईफोन की एड देखी जिस पर लिखा हुआ था कि अगर आप इस पर क्लिक करते हो तो एड पर दिखाया हुआ प्रोडेक्ट आपके घर पर डिलीवर कर दिया जाएगा। उसने ऐड पर क्लिक किया तो उसके बाद उसके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया कि दो हजार रुपये डाल दो, जिसमें से 1900 रुपये रिफंड हो जाएंगे। उसके कहने पर फोन-पे के माध्यम से भेजे गए स्कैनर पर दो हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उस अनजान व्यक्ति ने फिर से जीएसटी के नाम पर 7110 रुपये की मांग की। वो भी उसने यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी वह और रुपयों की मांग करने लगा। उसके कहने पर वह रुपये भेजता रहा। 18 अक्तूबर 2025 को उसके व्हाट्सएप पर एक कॉल आई जिसने अपना नाम विक्रम राठौड़ दिल्ली क्राइम ब्रांच बताया। उसने कहा कि जेजे कम्युनिकेशन वालों ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। उसके द्वारा समय पर रुपये न डालने के कारण उनका खाता फ्रीज हो गया है। अब यदि वह 37 हजार रुपये देगा तो वह इस मुकदमे से उसका नाम हटा देगा। मुकदमे का डर दिखाकर उस अनजान व्यक्ति ने कुल 3.27 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब उस अनजान व्यक्ति ने एक लाख रुपये की डिमांड और की तब उसने रुपये न होने की बात कहकर मना कर दिया। इसके बाद उसे उसके साथ हुए साइबर फ्रॉड का पता चला। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इस मामले में पुलिस नजफगढ़ दिल्ली निवासी आरोपी दिशांत, लक्ष्य उर्फ लक्की व राजेश मीना को गिरफ्तार कर चुकी है।